सिरसा, 6 जुलाई। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल परीक्षा प्रबंधन की लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश की भर्ती व्यवस्था पर गहराते अविश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि वर्षों से पेपर लीक, भर्ती विवाद और प्रशासनिक अव्यवस्था झेल रहे प्रदेश के युवाओं के साथ अब प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और परीक्षा संचालन के स्तर पर भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कहीं बिना सील की प्रश्न पुस्तिकाएं मिलीं, कहीं प्रश्नपत्रों के कोड में गड़बड़ी सामने आई, तो कहीं हिंदी, गणित और भाषा के प्रश्नों में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। ऐसी परिस्थितियों में परीक्षार्थियों का मानसिक तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। लाखों युवा वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा देते हैं, इसलिए परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाएं लगातार विवादों में रही हैं। कभी पेपर लीक, कभी भर्ती रद्द, कभी परिणामों पर सवाल और अब प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता पर उठ रहे प्रश्न यह दर्शाते हैं कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। यदि परीक्षा प्रणाली पर ही विश्वास समाप्त हो जाए तो युवाओं का मनोबल टूटता है और उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा का युवा केवल निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय भर्ती प्रक्रिया चाहता है। सरकार का दायित्व है कि प्रत्येक परीक्षा उच्च गुणवत्ता, पूर्ण गोपनीयता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार और संबंधित परीक्षा प्राधिकरण से मांग की कि एचटेट परीक्षा में सामने आई सभी शिकायतों और तकनीकी त्रुटियों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएं। अंत में कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं का विश्वास बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है। युवा अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे और कांग्रेस उनके अधिकारों तथा न्यायपूर्ण भर्ती व्यवस्था की मांग को लगातार मजबूती से उठाती रहेगी।








