बुजुर्ग बच्चों के समान होते हैं उनकी देखभाल जरूरी – संतलाल शर्मा

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संगम – गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन पर विशेष आयोजन

ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के पटौदी हेलीमंडी में हुआ कार्यक्रम

पटौदी, 6 जुलाई 2026 – ​आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में बुजुर्गों की आवाज़ कहीं गुम होती जा रही है। ऐसे में पटौदी-हेलीमंडी स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र ने एक ऐसा मंच सजाया जहां हर बुजुर्ग को वह सम्मान मिले, जिसका वह हकदार है। “संगम: गौरवपूर्ण वृद्धावस्था और सम्मानित जीवन” विषय पर आयोजित इस भावपूर्ण कार्यक्रम में 100 से अधिक गणमान्य नागरिकों और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह अभियान बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदना जगाने के महान उद्देश्य से चलाया जा रहा है। जिसे ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के समाज सेवा प्रभाग एवं भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है।

इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए पूर्व खाद्य आपूर्ति निरीक्षक संतलाल शर्मा ने समाज में बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति पर ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि, “बुजुर्ग बच्चों के समान होते हैं। ढलती उम्र में उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति को समझना और उनके साथ संवेदनशीलता से पेश आना ही उन्हें सच्चा सम्मान देना है। अपने बुजुर्गों की देखभाल करना युवा पीढ़ी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”

कार्यक्रम में ओआरसी (ORC) से पधारे बीके दीपेश ने संस्थान के समाज सेवा प्रभाग द्वारा कि जा रही जनकल्याणकारी सेवाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘संगम’ अभियान के तहत देशभर में बुजुर्गों के सम्मान में अनेक तरह के प्रयास और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में, बीके रेखा ने अपने आध्यात्मिक जीवन के प्रेरक अनुभव साझा किए और वहां उपस्थित सभी लोगों को बुजुर्गों के जीवन को सम्मानित और गौरवपूर्ण बनाने की भावपूर्ण शपथ दिलाई।

​कार्यक्रम का सफल एवं सुचारू मंच संचालन सेवाकेंद्र प्रभारी बीके श्वेता ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। जिससे सभी ने गहन आत्मिक शांति और आनंद की अनुभूति की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी बुजुर्गों को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें ईश्वरीय प्रसाद एवं स्नेहपूर्ण सौगात भेंट की गई। उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की मंगल कामना की गई। यह कार्यक्रम क्षेत्र के लोगों के बीच एक गहरा और सकारात्मक संदेश छोड़ गया।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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