पश्चिम बंगाल विधान सभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के प्रशिक्षण कार्यक्रम से लौटे हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण

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विधायी समितियों पर तकनीकी सत्र की अध्यक्षता की, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला व पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सहित अनेक गणमान्य नेताओं से की मुलाकात

चंडीगढ़, 4 जुलाई – हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण पश्चिम बंगाल विधान सभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए कोलकाता में आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भाग लेने के बाद शनिवार को अपने विधान सभा क्षेत्र घरौंडा लौट आए। लोक सभा सचिवालय के संसदीय शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा पश्चिम बंगाल विधान सभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न विधान मंडलों के अध्यक्षों, संसदीय विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने नव-निर्वाचित विधायकों को संसदीय कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, पश्चिम बंगाल विधान सभा के अध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। इस दौरान हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से शिष्टाचार भेंट कर संसदीय परंपराओं, विधानमंडलों की कार्यप्रणाली तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम के पहले दिन विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने “भारतीय संसद में समिति प्रणाली” विषय पर आयोजित तकनीकी सत्र की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संसदीय समितियां लोकतांत्रिक जवाबदेही, प्रभावी विधायी परीक्षण और सुशासन की सबसे मजबूत संस्थागत व्यवस्था हैं। उन्होंने कहा कि समितियां सदन के कार्य को अधिक गहराई, विशेषज्ञता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाती हैं तथा सरकार की नीतियों, योजनाओं और वित्तीय कार्यों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने नव-निर्वाचित विधायकों से समितियों की कार्यवाही में सक्रिय, अध्ययनशील और रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रभावी विधायक की भूमिका, संसदीय परंपराएं एवं आचरण, प्रश्नकाल एवं अन्य संसदीय प्रक्रियाओं के माध्यम से कार्यपालिका की जवाबदेही, विधायी प्रक्रिया एवं निजी सदस्य विधेयक, संसद की वित्तीय एवं बजटीय प्रक्रिया, संसदीय विशेषाधिकार एवं नैतिकता तथा राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन जैसे समकालीन विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई।

विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को संसदीय प्रक्रियाओं की गहन समझ प्रदान करते हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के विधानमंडलों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान भारतीय संसदीय लोकतंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।

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Author: Bharat Sarathi

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