राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की शुरुआत : राव नरेंद्र सिंह

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शिक्षा नहीं, युवाओं के भविष्य की लड़ाई है ‘छात्रों की गूंज’ अभियान : राव नरेंद्र सिंह

पेपर लीक, महंगी शिक्षा, बेरोज़गारी और भर्ती अनियमितताओं पर केंद्र सरकार को घेरा; बोले— छात्रों की आवाज़ अब सड़क से सदन तक पहुंचेगी

नारनौल। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया ‘छात्रों की गूंज’ अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार की लड़ाई का राष्ट्रीय जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनकर शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और स्थायी सुधार का मार्ग प्रशस्त करना है।

नारनौल में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने उनकी समस्याओं, सुझावों और आकांक्षाओं को सुना। उन्होंने कहा कि आज का छात्र पेपर लीक, बढ़ती कोचिंग फीस, कोचिंग पर 18 प्रतिशत जीएसटी, शिक्षा के निजीकरण, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, बेरोज़गारी, मानसिक तनाव और छात्र आत्महत्याओं जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है।

उन्होंने कहा कि केवल 22 लाख नीट (NEET) अभ्यर्थियों के परिवार हर वर्ष लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये परीक्षा की तैयारी पर खर्च करते हैं, जबकि केंद्र सरकार का शिक्षा बजट लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये है। वहीं NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर देश के परिवार प्रतिवर्ष लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, जो केंद्र के शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना है। इसके बावजूद युवाओं को रोजगार की कोई सुनिश्चित गारंटी नहीं मिल रही।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था युवाओं को अवसर देने के बजाय “रिजेक्शन सिस्टम” बनती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 3,000 विद्यार्थियों में केवल एक आईएएस, 30 आईआईटी और 180 डॉक्टर बन पाते हैं, जबकि लाखों युवाओं को असफलता, मानसिक तनाव और अनिश्चित भविष्य का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने रोजगार की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक 1,000 विद्यार्थियों में केवल 12 को ही औपचारिक वेतन वाला रोजगार मिलता है, जबकि 691 युवा असंगठित और असुरक्षित कार्यों में लगे हैं तथा 297 युवा बेरोजगार या बिना किसी काम के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के लगभग 80 प्रतिशत इंजीनियर अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार से वंचित हैं।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का स्पष्ट संदेश है कि “भारत का भविष्य उसके युवा हैं। उनकी सफलता ही देश की सफलता है और उनकी रक्षा करना देश की जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने का अवसर दे, कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए, निष्पक्ष परीक्षाएं सुनिश्चित करे तथा सम्मानजनक रोजगार का मार्ग प्रशस्त करे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रत्येक छात्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों की आवाज़ को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और विश्वविद्यालयों से लेकर सड़क और सदन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। राव नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों से इस अभियान से जुड़कर अपनी आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया।

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Author: Bharat Sarathi

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