चंडीगढ़, 28 जून। सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी.) की सदस्य, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने पंचकूला में एचपीएससी पीजीटी भर्ती से जुड़े ओबीसी एवं पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के धरने को लेकर हरियाणा सरकार के रवैये पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि अभ्यर्थी लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे, तो सरकार का पहला दायित्व उनसे संवाद स्थापित कर समाधान निकालना होना चाहिए था।
कुमारी सैलजा ने कहा कि आधी रात पुलिस कार्रवाई कर धरना स्थल खाली कराना तथा महिला अभ्यर्थियों सहित प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बल प्रयोग और हिरासत में लेने की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। सांसद ने कहा कि रोजगार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और आरक्षण से जुड़े मुद्दे लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। संविधान प्रदत्त अधिकारों का सम्मान करते हुए सरकार को अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और सभी पक्षों के साथ वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी उनकी आवाज़ को मजबूती से उठाती रहेगी।








