वजन घटाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, तीन महिला आरोपी गिरफ्तार

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102 मोबाइल, 150 सिम कार्ड और 12 लैपटॉप बरामद; खुद को डॉक्टर, डाइटिशियन और ब्यूटीशियन बताकर करते थे ठगी

गुरुग्राम, 28 जून। गुरुग्राम पुलिस की साइबर अपराध पश्चिम थाना टीम ने वजन कम करने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 102 मोबाइल फोन, 150 सिम कार्ड, 12 लैपटॉप सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं।

सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) गौरव फोगाट के निर्देशन तथा थाना साइबर अपराध पश्चिम के प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 26 जून को उद्योग विहार फेज-5 स्थित कॉल सेंटर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मंदीप (निवासी आया नगर, दिल्ली, वर्तमान निवासी चकरपुर, गुरुग्राम), नेहा (निवासी रंगपुरी, दिल्ली) तथा वर्षा (मूल निवासी मैनपुरी, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवासी सुशांत लोक, गुरुग्राम) को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी “Curest Science and Wellness Pvt. Ltd.” के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वजन घटाने वाली हर्बल दवाइयों के आकर्षक विज्ञापन चलाते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से कॉल सेंटर के कर्मचारी बातचीत कर महंगी दवाइयां खरीदने के लिए प्रेरित करते थे।

आरोपी दावा करते थे कि उनकी दवाइयों से निश्चित रूप से वजन कम होगा और यदि परिणाम नहीं मिला तो 100 प्रतिशत धनवापसी की जाएगी। लेकिन दवाइयों का कोई प्रभाव नहीं होने पर पीड़ितों को न तो पैसा लौटाया जाता था और न ही उनकी शिकायतों का जवाब दिया जाता था। उल्टा उन्हें ब्लॉक कर दिया जाता था।

खुद को डॉक्टर और डाइटिशियन बताकर जीतते थे भरोसा

जांच में सामने आया कि आरोपी स्वयं को डॉक्टर, डाइटिशियन और ब्यूटीशियन बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे और वैज्ञानिक सलाह के नाम पर उन्हें गुमराह कर ठगी को अंजाम देते थे।

गुजरात समेत कई राज्यों में करोड़ों की ठगी

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने गुजरात में ही करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों में भी वजन कम करने की दवाइयों के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।

कंपनी प्रबंधन की भूमिका भी जांच के घेरे में

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर कंपनी के कर्मचारियों को आवंटित किए गए थे। पूरे कॉल सेंटर का संचालन कंपनी के मैनेजर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (CAO), डायरेक्टर/मालिक तथा अन्य सहयोगियों के नियंत्रण में किया जा रहा था। पुलिस अब इन सभी की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने ठगी में प्रयुक्त 102 मोबाइल फोन, 150 सिम कार्ड, 12 लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध थाना साइबर अपराध पश्चिम गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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Author: Bharat Sarathi

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