जिलेभर में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी

गुरुग्राम, 26 जून- अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा के निर्देशन में जिलेभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
अभियान के तहत डीएलएसए के पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) ने बस अड्डों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगाए। इस दौरान लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें डीएलएसए द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क विधिक सहायता तथा नशा मुक्ति से जुड़ी सरकारी सेवाओं के बारे में भी बताया गया।
इसी अवसर पर सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 के प्रभावी पालन के लिए डीएलएसए ने सिविल अस्पताल और पुलिस विभाग के सहयोग से विशेष प्रवर्तन अभियान भी चलाया। संयुक्त टीम ने विभिन्न सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया और धूम्रपान निषेध क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के चालान किए। साथ ही, उन्हें तंबाकू और धूम्रपान से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देकर भविष्य में नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए नरेंद्र सुरा ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने नागरिकों से नशामुक्त और तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ संबंधित कानूनों का प्रभावी पालन भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि डीएलएसए गुरुग्राम विभिन्न विभागों के समन्वय से आगे भी ऐसे जागरूकता और प्रवर्तन अभियान लगातार आयोजित करता रहेगा, ताकि समाज को स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त बनाया जा सके।








