वर्षा जल संरक्षण और पुनर्चक्रित जल के उपयोग को बढ़ावा देने में नगर निगम गुरुग्राम की बड़ी पहल

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– रेन वाटर हार्वेस्टिंग, मॉड्यूलर आरडब्ल्यूएच, माइक्रो एसटीपी और पार्कों में उपचारित जल के उपयोग पर तेजी से हो रहा कार्य, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मजबूत कदम

गुरुग्राम, 26 जून। नगर निगम गुरुग्राम शहर में जल संरक्षण, भूजल स्तर को बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से रेन वाटर हार्वेस्टिंग (आरडब्ल्यूएच), मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, माइक्रो एसटीपी तथा उपचारित जल के अधिकतम उपयोग की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है।

नगर निगम क्षेत्र में 408 पारंपरिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित हैं, जिनमें से 227 पूर्णतः कार्यशील हैं। शेष 181 संरचनाओं की सफाई, मरम्मत और पुनर्संचालन का कार्य तेज गति से किया जा रहा है ताकि आगामी बरसात के दौरान अधिक से अधिक वर्षा जल का संचयन सुनिश्चित किया जा सके।

शहर में जल संरक्षण को और सशक्त बनाने के लिए 43 नई पारंपरिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है, जिनमें 19 का कार्य पूरा हो चुका है और शेष में कार्य तेज गति से चल रहा है। ये आरडब्ल्यूएच मलिबू टाउन, जोन-2 तथा पालम विहार सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे हैं, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव हो सकेगा।

इसके अतिरिक्त नगर निगम द्वारा 198 मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। सभी परियोजनाओं के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 57 स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 81 स्थानों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। यह आधुनिक प्रणाली वर्षा जल को शीघ्रता से भूजल में रिचार्ज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नगर निगम गुरुग्राम माइक्रो एसटीपी के माध्यम से भी जल संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है। शहर में 49 माइक्रो एसटीपी स्थापित हैं, जिनकी कुल क्षमता 2275 केएलडी है। इनमें से 44 इकाइयाँ सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं तथा उपचारित जल का उपयोग पार्कों और हरित क्षेत्रों की सिंचाई में किया जा रहा है, जिससे पेयजल की बचत सुनिश्चित हो रही है। शेष 5 माइक्रो एसटीपी की मरम्मत का कार्य जारी है।

जल संरक्षण से जुड़ी इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल वर्षा जल का संचयन ही नहीं, बल्कि भूजल स्तर में सुधार, जल संकट का समाधान तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना भी है। सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जा सके। नागरिकों से अपील है कि वे जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने में अपना सहयोग दें तथा वर्षा जल संचयन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। इससे गुरुग्राम को जल-सुरक्षित, हरित और सतत विकास की दिशा में नई मजबूती मिलेगी।

नगर निगम गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा के अनुसार जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। नगर निगम गुरुग्राम वर्षा जल संचयन, मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और उपचारित जल के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देकर एक जल-सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल गुरुग्राम के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। सभी नागरिकों से अपील है कि वे जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझें और वर्षा जल संचयन जैसी पहलों को अपनाकर इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनें। जनभागीदारी से ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित कर सकते हैं।

नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्षा जल संचयन, मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और माइक्रो एसटीपी जैसी आधुनिक परियोजनाओं को तेजी से क्रियान्वित कर रहा है। इन प्रयासों से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि उपचारित जल के अधिकतम उपयोग के माध्यम से पेयजल की भी बचत सुनिश्चित होगी। हमारा लक्ष्य गुरुग्राम को जल संरक्षण और सतत शहरी विकास के क्षेत्र में एक आदर्श शहर के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है। नागरिकों की सहभागिता से यह अभियान और अधिक प्रभावी बनेगा।

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Author: Bharat Sarathi

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