चंडीगढ़, 24 जून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी का लाभ देश की जनता तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की जाती है, तो कीमतों में गिरावट आने पर उपभोक्ताओं को भी उसी अनुपात में राहत मिलनी चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि बीते वर्षों में आम जनता लगातार बढ़ती महंगाई का सामना कर रही है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और परिवहन लागत में वृद्धि का सीधा प्रभाव खाद्य पदार्थों, कृषि लागत तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है तो सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा कर जनता को राहत देने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सांसद ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के वित्तीय परिणाम बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में उनकी आय और लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि सरकार आम उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए। कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का आम नागरिक आज बढ़ती महंगाई, रोजगार की चुनौतियों और घरेलू खर्चों के दबाव से जूझ रहा है। ऐसे समय में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में संभावित कमी न केवल आम परिवारों को राहत दे सकती है, बल्कि परिवहन और उत्पादन लागत कम होने से महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि पेट्रोल, डीजल, सीएनजी तथा रसोई गैस की कीमतों की पारदर्शी समीक्षा कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए। सांसद ने कहा कि सरकार का प्राथमिक दायित्व जनता को राहत देना होना चाहिए, न कि केवल राजस्व संग्रह बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार आम जनता, किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के हितों की आवाज उठाती रही है और आगे भी जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।







