
नारनौल/चंडीगढ़, 23 जून। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था की घोर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और महंगी शिक्षा व्यवस्था के दोहरे संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सुनियोजित तरीके से युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है।
नारनौल (महेंद्रगढ़) में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि युवाओं के सामने रोजगार का अभाव, अवसरों की कमी और शिक्षा का बढ़ता बोझ सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं की वास्तविक समस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श का विषय बनाया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा अब युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक महंगा और तनावपूर्ण संघर्ष बन गई है। लाखों छात्र और उनके परिवार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपनी जमा-पूंजी खर्च कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें पेपर लीक और भ्रष्ट व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई नीट (NEET) परीक्षा में लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। पिछले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की अनेक परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे युवाओं का विश्वास लगातार कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि जब देश की सबसे बड़ी परीक्षाएं ही सुरक्षित नहीं हैं तो युवाओं का भविष्य सुरक्षित होने का दावा कैसे किया जा सकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है और परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर निजी संस्थानों को बढ़ावा दे रही है। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति लगातार खराब हो रही है, जबकि निजी शिक्षा महंगे व्यवसाय में तब्दील हो चुकी है।

हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। लाखों पद खाली पड़े हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि मजबूरी में अभिभावकों को अपने बच्चों को निजी संस्थानों में भेजना पड़ रहा है, जहां उनसे भारी-भरकम फीस वसूली जा रही है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। प्रदेश में हजारों शिक्षित युवा बेरोजगार हैं और रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में हरियाणा में 46 हजार से अधिक स्नातक और परास्नातक युवाओं द्वारा सफाई कर्मचारियों के पदों के लिए आवेदन करना प्रदेश में रोजगार की भयावह स्थिति को उजागर करता है।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतबीर झुकिया ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और योग्य स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के युवाओं को अवसरों से वंचित कर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सतबीर झुकिया ने कहा कि भाजपा शासनकाल में केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, रोजगार और कानून व्यवस्था भी गंभीर संकट का सामना कर रही है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और संसाधनों की कमी है, महंगाई लगातार बढ़ रही है और अपराधों में वृद्धि से आमजन में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का युवा निराशा और मानसिक तनाव से जूझ रहा है। रोजगार के अभाव में युवाओं को पलायन करने तथा परिवारों को अपनी जमीन-जायदाद तक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। भाजपा सरकार ‘मेक इन इंडिया’ और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर न युवाओं को रोजगार मिल रहा है और न ही शिक्षा एवं भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता दिखाई दे रही है।
अपने संबोधन के अंत में राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि हरियाणा और देश के युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने अभिभावकों, छात्रों और युवाओं से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “‘छात्रों की गूंज’ अब थमेगी नहीं, बल्कि हर घर की आवाज बनेगी। युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।”








