मानसून से पहले सफाई व्यवस्था फेल, भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप: वेदप्रकाश विद्रोही

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“रेवाड़ी नगर परिषद पर निशाना, कूड़ा उठान और अधूरे विकास कार्यों को लेकर घेरा”

“भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण मानसून में फिर बढ़ सकती हैं जनता की मुश्किलें: विद्रोही”

रेवाड़ी, 23 जून। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया है कि मानसून सिर पर होने के बावजूद रेवाड़ी सहित पूरे अहीरवाल क्षेत्र में नालों, नालियों, सीवरों और जल निकासी मार्गों की समुचित सफाई नहीं करवाई गई है। उन्होंने कहा कि जहां सफाई का दावा किया जा रहा है, वहां भी वास्तविक सफाई के बजाय केवल औपचारिकताएं निभाकर सफाई बजट के दुरुपयोग की तैयारी की जा रही है।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन के पिछले दस वर्षों में मानसून पूर्व सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बरसात के दौरान शहरों और कस्बों में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और गंदगी की समस्या गंभीर रूप धारण कर लेती है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित होता है।

उन्होंने कहा कि नालियां जाम होने से मोहल्लों और सड़कों पर बदबूदार पानी जमा हो जाता है, जिससे नागरिकों का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है। रेवाड़ी, नारनौल, गुरुग्राम, पटौदी, सोहना, बावल, महेंद्रगढ़ और तावड़ू सहित अहीरवाल के अधिकांश शहरों और कस्बों में हर वर्ष यही स्थिति देखने को मिलती है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि जब बरसात के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तब सरकार के मंत्री और अधिकारी मीडिया के सामने सफाई व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करते हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग होती है। उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर खर्च किए गए धन के उपयोग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने रेवाड़ी नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नगर परिषद चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के बड़े वादे किए थे। नगर परिषद में भाजपा समर्थित चेयरमैन और बहुमत के बावजूद शहर की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

विद्रोही ने कहा कि शहर में कूड़ा उठान व्यवस्था भी चरमराई हुई है, जिसके कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। वहीं कई स्थानों पर सड़क और नालियों के निर्माण के नाम पर खुदाई तो कर दी गई, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। मानसून शुरू होने से पहले भी न तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त की गई और न ही अधूरे विकास कार्य पूरे किए गए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो मानसून के दौरान रेवाड़ी सहित पूरे अहीरवाल क्षेत्र के लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से व्यापक सफाई अभियान चलाने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

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Author: Bharat Sarathi

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