लाभ में आई एचएमआरटीसी, मेट्रो यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि

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नमो भारत कॉरिडोर परियोजनाओं ने भी पकड़ी रफ्तार

चंडीगढ़, 22 जून-हरियाणा में एकीकृत मेट्रो और नमो भारत परिवहन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। इसी क्रम में हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) ने वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में उल्लेखनीय वित्तीय सुधार दर्ज करते हुए लाभ अर्जित किया है।

यह जानकारी आज यहां मुख्य सचिव एवं एचएमआरटीसी के अध्यक्ष श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई निगम की 65वीं बोर्ड बैठक में दी गई।

बैठक में बताया गया कि जनवरी से मई 2026 के दौरान एचएमआरटीसी ने 9.18 करोड़ रुपये का अधिशेष (सरप्लस) दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में निगम को 1.98 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। निगम की कुल आय लगभग 47 फीसदी बढ़कर 35 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 23.76 करोड़ रुपये थी। यह वृद्धि बेहतर परिचालन प्रदर्शन और परिसंपत्तियों के प्रभावी व्यावसायिक उपयोग का परिणाम है।

बैठक में बताया गया कि गैर-किराया राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले वर्ष 6.42 करोड़ रुपये से बढ़कर 16.16 करोड़ रुपये हो गया। विज्ञापन अधिकारों की ई-नीलामी, मेट्रो परिसंपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग तथा स्टेशन आधारित गतिविधियों से प्राप्त आय में महत्वपूर्ण योगदान रहा। किराया आय में भी 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के बावजूद खर्च पर नियंत्रण बनाए रखा गया। जनवरी-मई 2026 के दौरान कुल व्यय 25.82 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 25.74 करोड़ रुपये था। परिचालन व्यय में मात्र 0.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक श्री चंद्रशेखर खरे ने बोर्ड को बताया कि रैपिड मेट्रो सेवा के प्रति यात्रियों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में 80.76 लाख यात्रियों ने मेट्रो सेवा का उपयोग किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 73.81 लाख थी। इस प्रकार यात्री संख्या में 9.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने बैठक में हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली कई महत्वपूर्ण मेट्रो और नमो भारत परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।

प्रमुख परियोजनाओं में सेक्टर-56 गुरुग्राम से पंचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर शामिल है। लगभग 35.25 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर में 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसकी अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मुख्यमंत्री की स्वीकृति के लिए भेजी जा रही है।

बैठक में बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार परियोजना की भी समीक्षा की गई। लगभग 30.30 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित कॉरिडोर में 18 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाने हैं। इसके अलावा बहादुरगढ़-आसौदा मेट्रो कॉरिडोर के लिए अंतिम यात्री मांग आकलन (राइडरशिप असेसमेंट) पूरा हो चुका है।

नरेला-कुंडली मेट्रो विस्तार परियोजना पर जानकारी दी गई कि हरियाणा सरकार ने परियोजना के लिए 10 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे लंबे समय से लंबित इस परियोजना को महत्वपूर्ण गति मिलने की उम्मीद है।

बैठक में दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर की भी समीक्षा की गई। 136.3 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 33,000 करोड़ रुपये से अधिक है। परियोजना को जन निवेश बोर्ड तथा हरियाणा सरकार की मंजूरी पहले ही प्राप्त हो चुकी है। इसके अतिरिक्त गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर की प्रगति पर भी चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न चरणों में आगे बढ़ रही मेट्रो और नमो भारत परियोजनाएं हरियाणा की दीर्घकालिक शहरी परिवहन रणनीति को नई दिशा देंगी तथा प्रदेश में सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेंगी।

बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री सुशील सरवान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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Author: Bharat Sarathi

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