चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश में गहराते खाद संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि धान रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसान खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं, जबकि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने में लगी हुई है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में खरीफ फसलों की बिजाई और धान रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन किसानों को आवश्यक खाद और डीएपी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा के अधिकांश जिलों में खाद का स्टॉक या तो समाप्त हो चुका है या किसानों की जरूरतों की तुलना में बेहद कम है। इसके चलते किसान घंटों कतारों में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि किसानों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि खाद की नई खेप कब पहुंचेगी और पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति कब शुरू होगी, लेकिन कृषि विभाग और सरकार के पास इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा प्रदेश का अन्नदाता भुगत रहा है।
उन्होंने कहा कि खाद की कमी और वितरण व्यवस्था की विफलता को छिपाने के लिए सरकार भूमि रिकॉर्ड, बायोमैट्रिक सत्यापन और डिजिटल निगरानी जैसी जटिल प्रक्रियाओं का सहारा ले रही है। इन प्रक्रियाओं के कारण किसानों को उपलब्ध सीमित खाद प्राप्त करने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि खाद के मौजूदा स्टॉक, वितरण व्यवस्था और नई खेप के आगमन को लेकर पूरी तरह अस्पष्टता बनी हुई है। इससे कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिल रहा है तथा किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को चौतरफा परेशानियों के जाल में फंसा दिया है। एक ओर खाद का संकट है तो दूसरी ओर सरकार समाधान देने के बजाय केवल दावे और प्रचार करने में व्यस्त है। मुख्यमंत्री किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाय उपलब्धियों का बखान करने में लगे हुए हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हरियाणा का किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और भाजपा की नीतियां खेती-किसानी को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के कदम नहीं उठाए, तो किसानों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
राव नरेंद्र सिंह ने मांग की कि प्रदेश सरकार तुरंत खाद और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे, वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाए तथा किसानों को अनावश्यक डिजिटल और प्रशासनिक बाधाओं से राहत प्रदान करे।








