जोन-3 एवं जोन-4 में जलभराव स्थलों के समाधान हेतु विकास कार्यों में तेजी
मानसून 2026 की तैयारियों को लेकर व्यापक कार्यवाही, अधिकांश जलभराव बिंदुओं पर कार्य पूर्ण या प्रगति पर

गुरुग्राम, 21 जून। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा मानसून 2026 के दौरान जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न जोनों में चिन्हित जलभराव स्थलों पर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। सोमवार को निगम कार्यालय में निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित एमएमसी समीक्षा के दौरान जोन-3 एवं जोन-4 की प्रगति रिपोर्ट में जलभराव स्थलों के समाधान के लिए किए गए कार्यों एवं उनकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया गया।
जोन-3 में 18 जलभराव स्थल, 11 पर समाधान कार्य पूरा, 7 स्थानों पर तेजी से कार्य जारी
जोन-3 में कुल 18 जलभराव हॉटस्पॉट हैं, जिनमें 14 हाइपरक्रिटिकल, 2 मॉडरेट तथा 2 माइनर श्रेणी के स्थल शामिल हैं। इनमें से 11 स्थलों पर विकास कार्य पूर्ण कर समस्या का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष 7 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है।
रेलवे रोड एवं लक्ष्मण विहार क्षेत्र में विशेष फोकस
लक्ष्मण विहार के मुख्य रेलवे रोड पर 600 मिमी व्यास की सीवर लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। वहीं सेक्टर-4 के निकट राम मंदिर से मदर डेयरी रोड तक सीवर एवं स्टॉर्म वाटर लाइन निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हुआ है।
जोन-4 में 15 जलभराव स्थल, 5 पर कार्य पूरा, 10 पर सुधार कार्य तेजी से जारी
जोन-4 में कुल 15 जलभराव हॉटस्पॉट हैं, जिनमें 5 माइनर, 9 मॉडरेट तथा 1 हाइपरक्रिटिकल श्रेणी का स्थल शामिल है। इनमें 5 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 10 स्थानों पर विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
धनवापुर, बसई और मदनपुरी क्षेत्रों में चल रहे हैं सुधार कार्य
धनवापुर गांव स्थित बीकानेर चौक पर नई 600 मिमी सीवर लाइन बिछाने का कार्य लगभग 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। वहीं बसई गांव में मानसून के दौरान जलनिकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु मशीनरी तैनाती की प्रक्रिया जारी है। मदनपुरी गली नंबर-11 में सीवर लाइनों की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
संवेदनशील स्थलों पर जलभराव रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में निगमायुक्त ने इंजीनियरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बरसात के दौरान स्कूलों, अस्पतालों तथा श्मशान घाटों तक जाने वाले मार्गों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी स्थिति में जलभराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन संवेदनशील स्थलों पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं।
मानसून से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश
निगमायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी संवेदनशील जलभराव स्थलों पर आवश्यक कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए तथा मानसून के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जलनिकासी तंत्र को मजबूत बनाने, नालों की सफाई, डी-सिल्टिंग एवं आपातकालीन मशीनरी की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निगम प्रतिबद्ध
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम द्वारा मानसून प्रबंधन को लेकर किए जा रहे ये प्रयास शहर में जलभराव की समस्या को कम करने तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। निगम प्रशासन लगातार विभिन्न जोनों की समीक्षा कर कार्यों की निगरानी कर रहा है ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, पूजा चांवरिया व रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ प्रीतपाल सिंह, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित संबंधित कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।








