अर्जुन एसपीबी होगी गठित, समीक्षा के लिए हर तीसरे माह बैठक
प्रदेश का होगा अपना एआई स्टेट डाटा सेंटर
चण्डीगढ, 20 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट तथा हरियाणा ए आई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इनके माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शनिवार को राज्य में शुरू क्लीन एयर और ए आई प्रोजेक्ट की विस्तार से समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, आयुक्त एवं सचिव क्रीड जे गणेशन, संयुक्त सचिव दीपक कुमार, क्रीड के सीपीओ नितिन बसंल, निनाद राजपुत, पुलीन सिंह, सांगर जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा क्लीन एयर प्रोजैक्ट के तहत 3647 करोड़ रुपए खर्च किए जाएगें। इसमें हरियाणा प्रदुषण नियत्रण बोर्ड, गुरूग्राम मेट्रोपोलिटन सिटी बस सेवा, हरियाणा सिटी बस सेवा, विकास एवं पंचायत विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण, परिवहन, उद्योगिक एवं वाणिज्य तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग सहित 9 विभाग मिलकर कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्जुन एसपीबी गठित कर प्रोजैक्ट की हर तीसरे माह बैठक आयोजित कर समीक्षा की जाएगी ताकि इन्हें जल्द से जल्द पूरा कर जनता को लाभ दिया जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा एआई डिवलेपमेंट प्रोग्राम के तहत पंचकूला में स्टेट एआई डाटा सेंटर व गुरूग्राम में जीएआईसी बनाया जा रहा हैं। इन पर 474 करोड़ रुपए की लागत आएगी। प्रदेश का अपना एआई का स्टेट डाटा सेंटर होगा जिसमें पूर्ण रूप से पारदर्शी और सही डाटा एकत्र होगा और उस पर पीपीपी से मिलान किया जा सकेगा। इसके अलावा 40 करोड़ रुपए की लागत से उद्योगों के लिए स्किल कोर्स, कोलाबोरेशन वर्कशॉप हेतू दो सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एआई सेंण्डबॉक्स लांच किया जाएगा। हरियाणा डाटा एक्सचेंज और हरियाणा स्टेट डाटा लेक प्लेटफार्म बेहतर सेवाओं के लिए तैयार हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एयर क्वालिट कंट्रोल प्रोजैक्ट के माध्यम से गुरूग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व झज्जर में 90 करोड़ रुपए की लागत से 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इनके लिए 200 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएगें। चार्जिंग स्टेशन के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। नए इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर तथा पुराने थ्री व्हीलर के बदलने के लिए प्रोत्साहन, उद्योगों के लिए क्लीनर डीजी सेट का उपयोग प्रोमोट करने तथा उद्योगों में सीईएमएस डिवाईस के इंस्टालेशन पर प्रोत्साहन देने तथा शहरी स्थानीय निकायों में डस्ट एवं वेस्ट मैनेजमेंट की क्षमता को बढाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके अलावा पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने, एयर क्वालिटी के लिए बायो डिकम्पोज के उपयोग पर रिसर्च, लेब इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने तथा सीएएक्यूएम स्टेशन विकसित करने के कार्य किए जाएगें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एयर क्वालिटी चैक करने के लिए राज्य में दो मोबाइल वैन भी तैयार की जाएंगी जिससे प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में जाकर एआईक्यू की जांच की जा सकेगी। इसके अलावा एसपीवी सेटअप एवं प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट का विस्तार करने जैसे कार्य किए जाएगे। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही हरियाणा डाटा एक्सचेंज पॉलिसी लाई जाएगी जिसमें बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा। इसके अलावा ए आई गुरुकुल लांच किया जाएगा जिसके माध्यम से बच्चों को एआई की शिक्षा मुहैया करवाई जाएगी। ऐसे बच्चों की एक साल में आसानी से प्लेसमेंट हो सकेगी।








