चंडीगढ़, 19 जून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा है कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार आज यह स्पष्ट करे कि 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी का उसका वादा आखिर कहां गया।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सहित देश के अनेक हिस्सों में मक्का उत्पादक किसान अपनी फसल को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। जिस मक्के का घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल है, वह कई मंडियों में लगभग 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल हजार रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सांसद ने कहा कि किसान पूरे वर्ष मेहनत करता है, मौसम की मार झेलता है, बढ़ती लागत का बोझ उठाता है और जब फसल मंडी तक पहुंचती है तो उसे अपनी उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाता। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। यदि सरकार एमएसपी घोषित करती है तो यह उसकी जिम्मेदारी है कि किसानों को उस मूल्य पर खरीद की प्रभावी व्यवस्था भी उपलब्ध कराए। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा ने किसानों से अनेक वादे किए थे, लेकिन वास्तविकता यह है कि किसान आज भी लागत, कर्ज और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। किसानों को केवल घोषणाएं नहीं बल्कि उनकी उपज का सुनिश्चित और लाभकारी मूल्य चाहिए।
सांसद ने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर मक्का सहित सभी घोषित एमएसपी फसलों की प्रभावी सरकारी खरीद सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रही है और आगे भी किसानों के अधिकारों तथा सम्मानजनक आय के लिए संघर्ष जारी रखेगा।








