दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने का दिया आश्वासन
गुरुग्राम, 16 जून। कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग बालिका के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को सात सूत्रीय मांग-पत्र सौंपते हुए मामले में व्यापक और कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल में जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान, राज्य अध्यक्ष सविता, महासचिव उषा सरोहा, सीटू की कामकाजी महिला समन्वय समिति की नेता एवं कुरुक्षेत्र जिला संयोजक रानी देवी तथा सीटू नेता रमा देवी शामिल रहीं।
प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि कुरुक्षेत्र की घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि इसने अस्पतालों में महिला मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। उनका कहना था कि यदि महिलाएं उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद भी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं, तो यह महिला सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
महिला संगठनों ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि जिस चिकित्सक पर पूर्व में भी यौन हिंसा और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लग चुके थे, उसे सेवानिवृत्ति के बाद पुनः नियुक्ति किस आधार पर दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की।
संगठनों ने आग्रह किया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में प्रतिदिन की जाए ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके तथा आरोपी को पोक्सो अधिनियम सहित सभी प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोरतम दंड दिया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेनू भाटिया द्वारा नर्सिंग स्टाफ और कामकाजी महिलाओं के संबंध में दिए गए कथित अपमानजनक बयान की निंदा करते हुए उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
इसके अतिरिक्त पीड़ित बालिका और उसके परिवार के पुनर्वास, सुरक्षा, परामर्श तथा कानूनी सहायता सुनिश्चित करने, राज्य के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में सुरक्षा ऑडिट कराने तथा महिला एवं बाल वार्डों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सेवाओं में ठेका प्रथा समाप्त कर नियमित और जवाबदेह कर्मचारियों की नियुक्ति तथा महिलाओं से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का भी मुद्दा उठाया।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा चिकित्सक की पुनर्नियुक्ति से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।









