एसडीएम ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध करवाने के दिए निर्देश
गुरुग्राम, 16 जून। गुरुग्राम के एसडीएम हितेंद्र कुमार ने मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत उपमंडल स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए एस.सी.एस.टी. एक्ट के तहत जो कार्रवाई की जा रही है, उसकी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम हितेंद्र कुमार ने एस.सी.एस.टी. एक्ट में जो केस दर्ज किये गये थे, उनके तहत सम्बन्धित लाभार्थियों को योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है, उसकी जानकारी हासिल की। उन्होंने पीड़ित परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से संबंधित पीडि़त परिवार को भावनात्मक रूप में भी काफी सहारा मिलता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एक्ट 1989 के तहत एफआईआर दर्ज होते ही पीड़ित व्यक्तियों को निर्धारित नियमों के तहत मुआवजा राशि देना सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ितों को समय पर इसका लाभ मिल सके। इस एक्ट के तहत जो संबंधित व्यक्ति एफआईआर दर्ज करवाता है तो समाज कल्याण विभाग उस व्यक्ति से बैंक अकाउंट नंबर व अन्य दस्तावेज लेकर आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध करें। इस मामले में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में तहसील कल्याण अधिकारी जितेंद्र कुमार ने एसडीएम को अवगत करवाते हुए बताया कि उपरोक्त अवधि में एस.सी.एस.टी. एक्ट के तहत जिला स्तर पर 11 शिकायतें प्राप्त हुई थी। बैठक के दौरान एसडीएम ने गैर सरकारी सदस्यों से भी इस विषय के तहत जानकारी हासिल की।
बैठक में एसीपी कपिल, तहसीलदार गुरुग्राम जगदीश चंद, अधिवक्ता रोहित मदान, निगम पार्षद धर्मवीर, क्लर्क साहिल मौजूद रहे।









