उषा प्रियदर्शी और मीना परमार ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली की उपस्थिति में संभाला पदभार

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उषा प्रियदर्शी के नेतृत्व में महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा: मोहन लाल बड़ौली

मोहन लाल बड़ौली ने उषा प्रियदर्शी और मीना परमार को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी

चंडीगढ़, 15 जून। हरियाणा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहनलाल बड़ौली सोमवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ऊषा प्रियदर्शी तथा उपाध्यक्ष मीना परमार के शपथ ग्रहण एवं पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने दोनों पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री बड़ौली ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों पदाधिकारियों के नेतृत्व में महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रभावी कार्य करेगा।

मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

श्री बड़ौली ने कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में भागीदारी देने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से महिलाएं हर क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। श्री बड़ौली ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि महिला आयोग की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी के नेतृत्व में आयोग महिलाओं की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।

महिलाओं को न्याय दिलाना मेरी सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी: उषा प्रियदर्शी

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद उषा प्रियदर्शी ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि कई बार महिलाएं डर, संकोच और सामाजिक दबाव के कारण अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पातीं, लेकिन महिला आयोग में ऐसा विश्वासपूर्ण और सुरक्षित वातावरण बनाया जाएगा, जहां प्रत्येक महिला अपनी बात सम्मान और स्वाभिमान के साथ रख सके।

उषा प्रियदर्शी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग किसी भी आवश्यक कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने इस जिम्मेदारी को प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान, न्याय और सशक्तिकरण के लिए सेवा का अवसर बताया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगी।

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Author: Bharat Sarathi

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