विश्व रक्तदाता दिवस पर हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी की उपलब्धियों को किया गया रेखांकित

चंडीगढ़, 13 जून। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और हरियाणा आज स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि रक्त की प्रत्येक बूंद किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम बनती है और इसी भावना के साथ प्रदेश में रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी ने वर्ष 2025-26 के दौरान 5,194 रक्तदान शिविरों का आयोजन कर 3,71,718 यूनिट रक्त एकत्रित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि प्रदेश में बढ़ती जनभागीदारी, युवाओं के उत्साह और सामाजिक संगठनों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष तथा मुख्यमंत्री एवं सोसायटी के चेयरमैन नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में रक्तदान अभियान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
अंकुश मिगलानी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन लाखों स्वैच्छिक रक्तदाताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर अनगिनत लोगों को जीवनदान देते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में निरंतर प्रगति के बावजूद आज भी रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। दुर्घटनाओं, बड़े ऑपरेशनों, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, कैंसर, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया तथा अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए रक्त ही जीवन का आधार है। ऐसे में रक्त की उपलब्धता समाज की जागरूकता और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है।
उन्होंने बताया कि रक्तदान अभियान की सफलता में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और युवा संगठनों में रक्तदान के प्रति अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। युवा स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ सोशल मीडिया और जागरूकता अभियानों के माध्यम से अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं। इसी कारण हरियाणा में रक्तदान धीरे-धीरे एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।
मिगलानी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकीय मानकों को पूरा करने वाली स्वस्थ महिलाएं सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकती हैं। महिलाओं की बढ़ती सहभागिता ने रक्तदान आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की है और इससे रक्तदाताओं का दायरा भी विस्तृत हुआ है।
उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां अब भी मौजूद हैं। कुछ लोग मानते हैं कि रक्तदान से शरीर कमजोर हो जाता है, जबकि चिकित्सकीय दृष्टि से यह पूरी तरह गलत धारणा है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है और शरीर कुछ ही दिनों में रक्त की पूर्ति स्वाभाविक रूप से कर लेता है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी वर्षों से प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रही है। जिलों में नियमित रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं तथा शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक इकाइयों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सोसायटी का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी मरीज रक्त के अभाव में परेशान न हो।
रक्तदान के क्षेत्र में हरियाणा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में 3,968 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 2,61,631 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया था। वर्ष 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 4,607 शिविरों और 3,24,005 यूनिट रक्त तक पहुंच गई। वर्ष 2023-24 में 5,512 शिविरों के माध्यम से 3,46,128 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ, जबकि वर्ष 2024-25 में 4,622 शिविरों से 3,59,601 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। वर्ष 2025-26 में अब तक 5,194 शिविरों के माध्यम से 3,71,718 यूनिट रक्त संग्रहित किया जा चुका है, जो प्रदेश में रक्तदान के प्रति बढ़ते विश्वास और जागरूकता का प्रमाण है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि रक्तदान को सामाजिक संस्कृति और जनआंदोलन का हिस्सा बनाया जाए। प्रत्येक परिवार, विद्यालय, महाविद्यालय, औद्योगिक इकाई और सामाजिक संगठन को वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक सक्षम नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प ले, तो रक्त की कमी की समस्या लगभग समाप्त हो सकती है।
अंकुश मिगलानी ने कहा कि जीवन से बड़ा कोई उपहार नहीं है और रक्तदान ऐसा दान है, जिसमें किसी प्रकार का आर्थिक खर्च नहीं होता, लेकिन इसका लाभ किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। किसी बच्चे की मुस्कान, किसी मां की सुरक्षा, किसी दुर्घटना पीड़ित की जिंदगी और किसी परिवार की खुशियां रक्तदान के माध्यम से बचाई जा सकती हैं। यही रक्तदान की सबसे बड़ी शक्ति है।









