डीजल नीति से खेती, उद्योग और आम उपभोक्ता सभी प्रभावित होंगे, केंद्र फैसला वापस ले : सुरजेवाला
नई दिल्ली, 12 जून। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर किसानों, शहरी मध्यम वर्ग और लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) पर महंगाई का नया बोझ डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनसे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
जारी बयान में सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने पेट्रोल पंपों से 200 लीटर से अधिक डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर बड़े उपभोक्ताओं के लिए डीजल को प्रभावी रूप से लगभग 40 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया है। उन्होंने इसे किसानों, आवासीय सोसायटियों, बहुमंजिला इमारतों तथा MSME इकाइयों पर सीधा आर्थिक हमला बताया।
सुरजेवाला ने कहा कि वर्तमान में खरीफ फसलों की बुवाई का मौसम चल रहा है और किसानों को डीजल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। उनका दावा है कि कई किसान बड़ी मात्रा में डीजल खरीदकर कृषि कार्यों में उपयोग करते हैं, लेकिन नई व्यवस्था के कारण उन्हें अधिक कीमत पर डीजल लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बिजली कटौती के दौरान आवासीय सोसायटियां और बहुमंजिला इमारतें जनरेटर चलाने के लिए बड़ी मात्रा में डीजल का उपयोग करती हैं। इसी प्रकार MSME क्षेत्र की अनेक इकाइयां भी उत्पादन कार्यों के लिए जनरेटर पर निर्भर हैं। ऐसे में डीजल की लागत बढ़ने से उत्पादन खर्च में वृद्धि होगी, जिसका असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ेगा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने से उपभोक्ता वस्तुएं महंगी होंगी और इसका अंतिम बोझ आम जनता को उठाना पड़ेगा।
सुरजेवाला ने केंद्र सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और किसानों, मध्यम वर्ग तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों को राहत देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिनसे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।








