विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर डीएलएसए और श्रम विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान

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जिले के बाजारों, दुकानों, होटलों और औद्योगिक क्षेत्रों में लगाए गए जागरूकता शिविर

बाल श्रम की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा का किया गया आह्वान

गुरुग्राम, 12 जून-विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम ने श्रम विभाग के सहयोग से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया। अभियान का उद्देश्य बाल श्रम रोकने तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।

यह अभियान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरेंद्र सुरा तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निशा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम को समाप्त करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं बेहतर बचपन उपलब्ध कराना आवश्यक है।

शिविरों का आयोजन श्रम निरीक्षक प्रदीप कुमार, ललित कुमार, राम गोपाल और दिनेश तथा डीएलएसए गुरुग्राम के पैनल परा विधिक स्वयंसेवकों भरत, सादिक, निधि और अंजना भंडारी द्वारा किया गया। टीमों ने जिले के विभिन्न बाजारों, दुकानों, ढाबों, होटलों, औद्योगिक क्षेत्रों और लघु उद्योग इकाइयों का दौरा कर लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान दुकानदारों, ढाबा संचालकों, होटल मालिकों, फैक्ट्री संचालकों और आम नागरिकों को बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित) के प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में लगाना कानूनन प्रतिबंधित है तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है।

शिविरों में बाल श्रम के दुष्परिणामों और बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन के अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं बाल श्रम की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें और बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।

अभियान के दौरान बाल श्रम निषेध से संबंधित पैम्फलेट और सूचना सामग्री वितरित की गई। साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रमों को स्थानीय व्यापारियों और अन्य हितधारकों का सकारात्मक सहयोग प्राप्त हुआ।

डीएलएसए गुरुग्राम ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और बाल श्रम उन्मूलन के लिए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।

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Author: Bharat Sarathi

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