– सीएक्यूएम समीक्षा बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने शहर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी साझा की
कचरा प्रबंधन, सड़क सुधार, मैकेनिकल स्वीपिंग, ट्रैफिक डी-कंजेशन और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए गुरुग्राम की बहुआयामी पहल

गुरुग्राम, 12 जून। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क धूल नियंत्रण, ट्रैफिक डी-कंजेशन तथा हरित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गुरुग्राम द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी साझा की।
ट्रैफिक जाम कम करने की दिशा में ठोस कदम
नगर निगम एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा वर्ष 2026 के दौरान कुल 32 ट्रैफिक कंजेशन हॉटस्पॉट्स को चरणबद्ध तरीके से सुधारने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम तिमाही में चिन्हित 4 प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट्स पर डी-कंजेशन कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन में उल्लेखनीय उपलब्धि
गुरुग्राम में प्रतिदिन लगभग 1500 टन निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरा उत्पन्न हो रहा है, जिसमें से 1200 टन प्रतिदिन प्रोसेसिंग क्षमता उपलब्ध है। 1 जनवरी से 31 मई 2026 के बीच 2.26 लाख टन सीएंडडी कचरा एकत्रित किया गया तथा 1.81 लाख टन कचरे का सफलतापूर्वक प्रसंस्करण किया गया। शहर में चार जियो-टैग्ड कलेक्शन प्वाइंट कार्यरत हैं तथा 16 नए कलेक्शन प्वाइंट विकसित किए जा रहे हैं।
बंधवाड़ी में लिगेसी कचरे के निस्तारण में तेजी
बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर वर्षों से जमा लिगेसी कचरे के निस्तारण के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अब तक 37.74 लाख मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा चुका है जबकि शेष 18.29 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण का कार्य तेजी से जारी है। मार्च 2027 तक लिगेसी कचरे के पूर्ण निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सड़कों की सफाई के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग
नगर निगम गुरुग्राम द्वारा वर्तमान में 20 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें संचालित की जा रही हैं, जो प्रतिदिन 600 किलोमीटर से अधिक सड़क क्षेत्र की सफाई कर रही हैं। धूल प्रदूषण को और कम करने के लिए अतिरिक्त मशीनों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। शहर में कुल 404.61 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को मैकेनिकल स्वीपिंग के दायरे में लाया गया है।
वायु गुणवत्ता सुधार के लिए व्यापक कार्ययोजना
गुरुग्राम में वर्तमान में 3 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन कार्यरत हैं, जिन्हें बढ़ाकर 8 करने की योजना है। पिछले वर्षों की तुलना में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार दर्ज किया गया है और वर्ष 2026 के लिए एक्यूआई में 10 प्रतिशत तक और सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सड़क पुनर्विकास पर 1971 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित
धूल नियंत्रण एवं यातायात सुधार के उद्देश्य से 726.54 किलोमीटर सड़क नेटवर्क के पुनर्विकास की योजना तैयार की गई है। इस कार्य पर लगभग 1971 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। वर्ष 2026 के दौरान लगभग 495 किलोमीटर सड़कों के सुधार का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 195 किलोमीटर से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है।
आईटीएमएस और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन को मिल रही गति
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के प्रथम चरण में 218 स्थानों पर 1200 कैमरे सफलतापूर्वक संचालित किए जा चुके हैं। दूसरे चरण में 258 स्थानों पर 2722 अतिरिक्त कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए 93 टीमें सक्रिय
नगर निगम गुरुग्राम ने खुले में कचरा जलाने और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए 93 विशेष निगरानी एवं चालान टीमों को तैनात किया है। ये टीमें नियमित निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने का कार्य कर रही हैं।
जन-जागरूकता और नागरिक सहभागिता पर विशेष फोकस
एमसीजी द्वारा आरडब्ल्यूए, बाजार संघों, निर्माण एजेंसियों, सफाई कर्मचारियों और आम नागरिकों को जोड़कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। विशेष आईईसी टीम प्रतिदिन 3 से 4 स्थानों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि गुरुग्राम को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने के लिए सभी विभागों द्वारा पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन, सड़क धूल नियंत्रण, ट्रैफिक डी-कंजेशन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा जनभागीदारी के माध्यम से गुरुग्राम को पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक सुरक्षित और टिकाऊ शहर बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इन पहलों के सकारात्मक परिणाम और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे तथा नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता का लाभ मिलेगा।









