
कुरुक्षेत्र। हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने बुधवार को महिला कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कुरुक्षेत्र स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल पहुंचकर पीड़ित बच्ची और उसके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्ची का हालचाल जाना और उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पर्ल चौधरी ने बताया कि बातचीत के दौरान बच्ची ने अपने भविष्य के सपनों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि तमाम मानसिक और शारीरिक पीड़ा के बावजूद बच्ची पढ़-लिखकर जीवन में आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिम्मेदारी है कि बच्ची को न्याय के साथ-साथ सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य भी मिले।
महिला कांग्रेस की टीम ने अस्पताल में बच्ची की देखभाल में जुटी नर्सों का भी सम्मान किया। पर्ल चौधरी ने कहा कि कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सेवा करने वाली नर्सें आज भी मानवता की सेवा में पूरी निष्ठा के साथ जुटी हुई हैं। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को “कोरोना वॉरियर्स” बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
रेनू भाटिया का इस्तीफा आंदोलन की जीत : पर्ल चौधरी
पर्ल चौधरी ने कहा कि हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने मंगलवार देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा भाजपा की नायब सैनी सरकार को रेणु भाटिया का इस्तीफा हरियाणा महिला कांग्रेस, नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन और जनदबाव के कारण लेना पड़ा।
पर्ल चौधरी ने कहा कि मंगलवार शाम एक समाचार चैनल की बहस में उन्होंने रेनू भाटिया से सवाल पूछा था कि आरोपी डॉक्टर की नियुक्ति किसकी सिफारिश पर हुई थी और उनका स्वयं का कार्यकाल जनवरी 2025 में समाप्त होने के बावजूद बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया का अनुसरण किए उन्हें पद पर विस्तार दिया गया। पर्ल चौधरी के अनुसार इन सवालों का जवाब देने के बजाय रेनू भाटिया बहस छोड़कर चली गईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व को यह अहसास हो गया था कि इस मुद्दे पर बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है और इसलिए रेनू भाटिया से इस्तीफा दिलाया गया। हालांकि उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
महिला कांग्रेस के सवाल :
पर्ल चौधरी ने कहा कि प्रदेश महिला कांग्रेस की मांग है कि आरोपी डॉक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया की पूरी जांच कराई जाए।
उन्होंने मांग की कि:
- आरोपी डॉक्टर जिसपर पहले भी वित्तीय नियमितता और चरित्रिक दोष की शिकायतें की गईं थी उसे रिटायरमेंट के बाद नियुक्ति किसकी सिफारिश पर हुई, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
- नियुक्ति को स्वीकृति देने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और राजनीतिक हस्तक्षेप की भूमिका की जांच हो।
- मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए।
- दोषी को कानून के तहत अधिकतम सजा दी जाए।
- अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
- प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए।
- स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री की जवाबदेही तय की जाए।
स्वास्थ्य विभाग के कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली हैं और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता है।
महिला आयोग की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
पर्ल चौधरी ने कहा कि महिला आयोग में लंबे समय से सदस्यों की नियुक्तियां नहीं की गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि आयोग के रिक्त पद क्यों नहीं भरे गए और अनुसूचित जाति वर्ग की महिला सदस्य के लिए निर्धारित पद को खाली क्यों रखा गया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में महिला आयोग लगभग निष्क्रिय हो चुका है और प्रदेश सरकार को तत्काल सभी रिक्त पदों पर नियुक्तियां करनी चाहिए ताकि महिलाओं को समय पर न्याय और सहायता मिल सके। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय महिला आयोग के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह लापरवाह है
प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहीं मौजूद
महिला कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी के साथ गुरुग्राम जिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष सीमा हुड्डा कटारिया, कैथल से प्रज्ञा, डॉ. सिमरन तथा निशि गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहीं।
महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पीड़ित बच्ची को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और दोषियों तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन को प्रदेशभर में आगे बढ़ाया जाएगा।








