दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल से शुरू हुआ विरोध, 11 जून को संपूर्ण हड़ताल की चेतावनी
जनवादी महिला समिति और सीटू भी उतरे समर्थन में, कुरुक्षेत्र की घटना पर निष्पक्ष जांच की मांग
गुरुग्राम, 9 जून। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया द्वारा कुरुक्षेत्र के नागरिक अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर्स के प्रति कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पूरे प्रदेश में विरोध की लहर तेज हो गई है। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर मंगलवार को प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे की सांकेतिक पेन डाउन हड़ताल कर अपना रोष व्यक्त किया और महिला आयोग की अध्यक्ष के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई।
कुरुक्षेत्र से उठी विरोध की यह चिंगारी अब पूरे हरियाणा में फैल चुकी है। गुरुग्राम के सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल सहित राज्य के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग ऑफिसर्स ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाओं और वार्डों में न्यूनतम स्टाफ की व्यवस्था की गई, लेकिन कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
“कोरोना वॉरियर्स का अपमान बर्दाश्त नहीं”
हड़ताल में शामिल नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात मरीजों की सेवा की। उस समय सरकार और समाज ने उन्हें “कोरोना वॉरियर्स” का सम्मान दिया था, लेकिन आज उन्हीं स्वास्थ्य कर्मियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा रहा है।
नर्सिंग ऑफिसर्स का कहना है कि महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा की गई टिप्पणी ने न केवल उनके पेशेवर सम्मान को ठेस पहुंचाई है, बल्कि हजारों महिला स्वास्थ्यकर्मियों और उनकी बेटियों की गरिमा पर भी आघात किया है।
“महिला आयोग की अध्यक्ष ही महिलाओं का अपमान करें तो न्याय कहां मिलेगा”
प्रदर्शनकारी नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान है। यदि उसी संस्था की अध्यक्ष महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करेंगी तो महिलाओं को न्याय और सम्मान की उम्मीद किससे होगी?
उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से मर्यादित, संवेदनशील और गरिमापूर्ण व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति की ओर से कथित अभद्र टिप्पणी न केवल निंदनीय है, बल्कि संस्थागत मूल्यों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
आंदोलन होगा और तेज, 11 जून को संपूर्ण हड़ताल की चेतावनी
नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने घोषणा की है कि बुधवार, 10 जून को भी सुबह दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल जारी रहेगी। यदि सरकार महिला आयोग की अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है, तो 11 जून को पूरे प्रदेश में संपूर्ण हड़ताल की जाएगी।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि इस दौरान आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। संगठन का कहना है कि यह संघर्ष केवल नर्सिंग ऑफिसर्स का नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा की रक्षा का आंदोलन है।
जनवादी महिला समिति और सीटू का समर्थन
नर्सिंग ऑफिसर्स के आंदोलन को जनवादी महिला समिति और सीटू का भी समर्थन मिला है। दोनों संगठनों ने महिला आयोग की अध्यक्ष की कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा करने वाली संस्था की प्रमुख द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
नर्सिंग ऑफिसर्स ने कुरुक्षेत्र की घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक टिप्पणी का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत हजारों नर्सिंग कर्मियों के सम्मान और आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ है।
नर्सिंग ऑफिसर्स का स्पष्ट संदेश है कि सम्मान के साथ समझौता नहीं होगा और जब तक न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।







