अधिवक्ता न्याय प्रशासन का अभिन्न अंग हैं — उनके लिए उचित कार्यस्थल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है-चौधरी संतोख सिंह

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गुरुग्राम कोर्ट रिकॉर्ड रूम में आग के बाद हॉल नंबर 1, 2 और 3 बंद होने से अधिवक्ताओं का कामकाज प्रभावित

अधिवक्ताओं के लिए हॉल नंबर 1, 2 और 3 को यथाशीघ्र पुनः खोलने हेतु उचित करवाई की जाए

गुरुग्राम, 31 मई 2026। जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि गुरुग्राम न्यायालय परिसर के रिकॉर्ड रूम में लगी भीषण आग के कारण मुख्य न्यायालय परिसर को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं के बैठने हेतु निर्धारित हॉल नंबर 1, 2 एवं 3 को भी बंद कर दिया गया है, जिससे अधिवक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि उक्त हॉलों का नियमित रूप से लगभग 1500 से अधिक अधिवक्ताओं द्वारा न्यायालय संबंधी कार्यों, केस तैयारी, मुवक्किलों से मुलाकात तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है। हॉल नंबर 1, 2 एवं 3 के बंद होने से अधिवक्ताओं के दैनिक कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं तथा न्यायालय की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायालय भवन में संचालित लगभग 21 अदालतों का कार्य प्रभावित हुआ है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अदालतों के संचालन की व्यवस्था की गई है तथा न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन जिन 1500 से अधिक अधिवक्ताओं द्वारा हॉल नंबर 1, 2 एवं 3 का उपयोग किया जाता था, उनके लिए अब तक कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।

चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं को अपने पेशेवर कार्यों, जैसे क्लाइंट परामर्श, दस्तावेज तैयार करना एवं मामलों की तैयारी में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल अधिवक्ताओं की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि न्याय प्रक्रिया की सुगमता एवं दक्षता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने सरकार एवं संबंधित प्रशासन से मांग की कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाए अथवा हॉल नंबर 1, 2 एवं 3 को यथाशीघ्र पुनः खोलने हेतु उचित कार्रवाई की जाए, ताकि अधिवक्ता गण सुचारु रूप से अपने न्यायिक कार्य संपादित कर सकें।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय प्रशासन का अभिन्न अंग हैं और उनके लिए उचित कार्यस्थल उपलब्ध कराना सरकार एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए अधिवक्ताओं के लिए शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि न्यायिक कार्य बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से जारी रह सकें।

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Author: Bharat Sarathi

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