बोले — यह प्रक्रिया कांग्रेस शासनकाल में ही शुरू की गई थी
चंडीगढ़, 28 मई 2026। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा 12 हजार शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कांग्रेस शासनकाल में बनाई गई नीतियों और योजनाओं का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2008 में ही ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए थे, जिनका परिणाम आज देखने को मिल रहा है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की गई थी। उस समय शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में लगातार कार्य किए गए थे।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार जिन नियुक्तियों का ढिंढोरा पीट रही है, उनकी बुनियाद कांग्रेस सरकार के समय रखी गई थी। भाजपा सरकार केवल पुराने फैसलों को नए पैकेज में प्रस्तुत कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। यदि भाजपा वास्तव में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर होती तो प्रदेश के हजारों स्कूल आज भी शिक्षकों की कमी से नहीं जूझ रहे होते।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के अनेक सरकारी स्कूलों में विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और अन्य विषयों के शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आज भी बुनियादी सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की बजाय केवल प्रचार और इवेंट आधारित राजनीति को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शिक्षा बजट में लगातार वृद्धि की गई, नए स्कूल और कॉलेज खोले गए तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गईं। कांग्रेस की सोच हमेशा गरीब, किसान, मजदूर, कर्मचारी और युवाओं के हितों को केंद्र में रखकर काम करने की रही है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2005-06 में हरियाणा के योग्य उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्तियां दी थीं और वर्ष 2014 में तीन साल की पॉलिसी निर्धारित की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भाजपा ने इस नीति पर सवाल उठाए थे, लेकिन अब सर्वोच्च न्यायालय और हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नीति उपयुक्त थी और हरियाणा का प्रत्येक गेस्ट टीचर इस नीति के दायरे में आता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब समझ चुकी है कि भाजपा सरकार केवल घोषणाओं और प्रचार के माध्यम से अपनी छवि चमकाने में लगी हुई है, जबकि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल नियुक्तियों का श्रेय लेने की राजनीति करने की बजाय खाली पड़े सभी शिक्षकों के पदों को जल्द भरे और सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के अधिकारों की आवाज उठाती रही है और आगे भी शिक्षा, रोजगार तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से संघर्ष जारी रखेगी।









