महंगाई से लोग हुए बेहाल, पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्य वृद्धि तुरंत वापस ले सरकार : दीपेन्द्र हुड्डा

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·        सरकार बताए पिछले 12 साल में महंगे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी से कितने लाख करोड़ कमाए – दीपेन्द्र हुड्डा

·        सरकार आम आदमी की जेब पर खुलेआम डाका डाल रही है पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में बढ़ोत्तरी का सीधा मतलब महंगाई में बढ़ोत्तरी है – दीपेन्द्र हुड्डा

·        जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता था तब सरकार और कंपनियों ने खूब मुनाफा कमाया, अब सारा बोझ जनता पर थोप रही – दीपेन्द्र हुड्डा

·        देश के इतिहास में पेट्रोल डीजलफर्टिलाइजर कभी इतना महंगा नहीं हुआ जितना बीजेपी सरकार में हुआ – दीपेन्द्र हुड्डा

चंडीगढ़, 25 मई। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि कमरतोड़ महंगाई से लोग बेहाल हो चुके हैं। बात केवल आज पेट्रोल/डीजल की कीमतों में हुई एतिहासिक वृद्धि की नहीं है, बात खोखली होती अर्थव्यवस्था की भी है। सरकार आम आदमी की जेब पर खुलेआम डाका डाल रही है पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में बढ़ोत्तरी का सीधा मतलब महंगाई में बढ़ोत्तरी है।मार्च में सम्पन्न हुए संसद के बजट सत्र में उन्होंने भारत सरकार की वित्त मंत्री को जवाब दिया था कि सरकार जनता से भारी टैक्स वसूल कर अपनी आर्थिक घाटे और विफलताओं को छुपा रही है। यही कारण है की 79 साल के इतिहास में पेट्रोल, डीजल, LPG और यूरिया इतना महंगा नहीं हुआ, जितना अब हुआ है। सरकार कह रही है उसने छूट दी है, जबकि सच्चाई ये है कि पिछले 8 दिनों में पेट्रोल डीजल के दाम 8 रुपये बढ़ाना सरकारी लूट है। आज फिर पेट्रोल पर 2.87 रुपए और डीजल पर 2.80 रुपए बढ़ा दिए गए हैं, इससे पहले से ही बेकाबू हो चुकी महंगाई और अधिक बेकाबू रफ्तार से बढ़ेगी। दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि पेट्रोलियम उत्पादों की मूल्य वृद्धि तुरंत वापस ली जाए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पिछले 12 साल में महंगे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी से कितने लाख करोड़ कमाए यह भी सरकार जनता को बताए।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार प्रत्येक लीटर पर भारी टैक्स वसूल रही है। उन्होंने बताया कि UPA सरकार के समय जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 140 डॉलर प्रति बैरल था, तब गैस सिलेंडर ₹400, पेट्रोल ₹70 और डीजल ₹50 पर था और सरकार सब्सिडी देती थी। लेकिन, पिछले 12 वर्ष में जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव ऐतिहासिक रूप से कम था, तब सरकार ने सब्सिडी हटा ली और टैक्स बढ़ा दिया साथ ही सारा मुनाफा बड़ी तेल कंपनियों को सौंप दिया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सस्ते कच्चे तेल से खूब मुनाफा कमाने वाली सरकार और तेल कंपनियां अब सारा बोझ जनता पर थोप रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय डीजल पर ₹3, पेट्रोल पर ₹9.5 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी थी, जो आज डीजल पर ₹24 और पेट्रोल पर ₹25 प्रति लीटर है। अगर बीजेपी सरकार टैक्स घटाकर कांग्रेस की यूपीए सरकार जितना कर दे तो आज ही करीब 20 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आ सकती है।

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Author: Bharat Sarathi

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