हाइड्रोजन ट्रेन के प्रचार से अपनी विफलताओं पर ऑक्सीजन लेना चाह रही है भाजपा सरकार: पर्ल चौधरी
जींद, 16 जुलाई – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा के जींद दौरे और भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी इस आयोजन को पर्यावरण संरक्षण और इको-फ्रेंडली परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस ने इसे केवल प्रतीकात्मक प्रचार करार देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से मंत्री, सांसद, मेयर, जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्री और भाजपा पदाधिकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भाजपा इसे हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा मॉडल बता रही है।
हालांकि, हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती पर्ल चौधरी ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर है, तो उसे इस आयोजन में शामिल सभी नेताओं और पदाधिकारियों को स्थायी रूप से इको-फ्रेंडली वाहनों के उपयोग का निर्देश देना चाहिए।
“यदि हाइड्रोजन ट्रेन को पर्यावरण संरक्षण की ऐतिहासिक पहल बताया जा रहा है, तो यह पहल केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। भाजपा के मंत्री, सांसद और पदाधिकारी आज के बाद भी अपने निजी और सरकारी आवागमन में इको-फ्रेंडली वाहनों का उपयोग करें, तभी यह संदेश विश्वसनीय होगा।” — पर्ल चौधरी
‘एक दिन का प्रचार, फिर पुराने काफिले?’
महिला कांग्रेस ने कहा कि यदि कार्यक्रम के बाद नेता फिर बड़े-बड़े पेट्रोल और डीजल वाहनों के काफिलों में चलते हैं, तो यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण की गंभीर पहल के बजाय केवल प्रचार का माध्यम बनकर रह जाएगा।
पर्ल चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे इस अवसर को केवल प्रतीकात्मक घोषणा न रहने दें, बल्कि हरियाणा में दीर्घकालिक पर्यावरण नीति के रूप में लागू करवाएं।
अरावली, ईंधन नीति और सड़कें भी उठाए सवाल
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार पहले भी पर्यावरण के नाम पर अरावली क्षेत्र से जुड़े बदलावों को लेकर विवादों में रही है, जिन्हें जनता के विरोध के बाद रोकना पड़ा। उन्होंने ईंधन मिश्रण (ई-20) नीति को लेकर जनता में उठ रहे सवालों का भी उल्लेख किया।
साथ ही उन्होंने कहा कि हरियाणा के कई क्षेत्रों में सड़कें खराब स्थिति में हैं और बारिश के बाद लोगों को यह समझना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहाँ है और गड्ढा कहाँ। ऐसे में केवल बड़े आयोजनों से जनता के दैनिक जीवन की समस्याएं हल नहीं होतीं।
‘जनता के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश’
महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार हाइड्रोजन ट्रेन के माध्यम से एक सकारात्मक प्रतीकात्मक संदेश देने की कोशिश कर रही है, लेकिन राज्य में पेपर लीक, छात्रों की समस्याएं, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे अभी भी जनता के बीच मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि आगामी 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर महिला कांग्रेस महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगी और जनता इन मुद्दों पर जवाब चाहती है।
पर्यावरण बनाम प्रचार
पर्ल चौधरी ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन जैसी तकनीक का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि यह स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। लेकिन यदि सरकार इसे केवल राजनीतिक प्रचार तक सीमित रखती है और व्यवहार में पर्यावरण-अनुकूल नीतियां लागू नहीं करती, तो जनता इसे गंभीर पहल के रूप में नहीं लेगी।
“पर्यावरण संरक्षण का असली मॉडल तभी बनेगा जब सरकार और उसके नेता स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें — केवल मंच से घोषणा करके नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में बदलाव लाकर।” — पर्ल चौधरी
भाजपा की ओर से
भाजपा ने हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ को देश में हरित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पार्टी का कहना है कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
हालांकि विपक्ष का कहना है कि इस पहल की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब इसका प्रभाव नेताओं के व्यवहार, सरकारी नीतियों और जनता के दैनिक जीवन में भी दिखाई दे।








