प्रदेशभर में नए सिरे से होगा संगठन का पुनर्गठन, बूथ स्तर तक महिला नेतृत्व तैयार करने पर जोर

चंडीगढ़, 16 मई। हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस ने संगठन को अधिक मजबूत, सक्रिय और जन-आधारित बनाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस संबंध में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा द्वारा कार्यालय-आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की वर्तमान कार्यकारिणियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष पर्ल चौधरी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रदेश, जिला, ब्लॉक और वार्ड स्तर पर संगठन का नए सिरे से गठन किया जाएगा। पुनर्गठन प्रक्रिया में संगठन के प्रति समर्पण, सक्रियता, जनसंपर्क, सदस्यता अभियान में योगदान और सामाजिक भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य हरियाणा के प्रत्येक गांव, वार्ड और बूथ तक महिला कांग्रेस की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करना है, ताकि महिलाओं की आवाज और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संगठन समाज के सभी वर्गों—36 बिरादरी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर, युवा और शिक्षित महिलाओं—को सम्मानजनक एवं प्रभावी भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला कांग्रेस ने यह भी कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाए बिना लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता। पार्टी नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने और महिला आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करवाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। साथ ही महिला आरक्षण में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग दोहराई गई है।
महिला कांग्रेस ने आगामी विधानसभा, लोकसभा, नगर निकाय और पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व तैयार करने का संकल्प भी दोहराया है।








