ग्रामीण सफाई कर्मियों का जमकर शोषण और उपेक्षा कर रही है सरकार: सतबीर सिंह

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मांगों को लेकर दूसरे दिन भी जारी रही हड़ताल, उपायुक्त कार्यालय पर दिया धरना

गुरुग्राम, 16 मई 2026। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन गुरुग्राम इकाई द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखते हुए उपायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। धरने में सैकड़ों ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छाजूराम ने की।

धरने को संबोधित करते हुए जिला सचिव सतबीर सिंह ने हरियाणा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के उत्थान की बात तो करती है, लेकिन वास्तव में बड़े पूंजीपतियों और ठेकेदारों के हितों की सेवा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज को लगातार अनसुना कर रही है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पॉलिसी बनाकर पक्का करना, 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू करना, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करना, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 हजार और 27 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करना, एक्सग्रेशिया नीति बनाना तथा कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा देना शामिल है।

सतबीर सिंह ने कहा कि मार्च 2024 के बजट सत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 1000 की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी की भर्ती की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में ग्रामीण सफाई कर्मियों के करीब 9700 पद खाली पड़े हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि 24 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री द्वारा 26 हजार रुपये वेतन देने तथा 11 जून 2025 को 2100 रुपये बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी, लेकिन इन घोषणाओं को अब तक लागू नहीं किया गया। साथ ही 8 दिसंबर की वार्ता में कर्मचारियों को पक्का करने की नीति बनाने का वादा भी पूरा नहीं हुआ।

यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में न तो किसी सफाई कर्मचारी या सीवरमैन की स्थायी भर्ती की गई और न ही किसी कच्चे कर्मचारी को पक्का किया गया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल 15-16 मई से शुरू होकर अब 20 मई तक जारी रहेगी।

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा।

धरने को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव उषा सरोहा, संजना, सरला, चंदा, अशोक कुमार और मनोज सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।

प्रमुख मांगें

  • कच्चे सफाई कर्मियों को नियमित किया जाए।
  • 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए।
  • 400 की आबादी पर एक स्थायी कर्मचारी की भर्ती की जाए।
  • घोषित 26 हजार व 27 हजार रुपये मासिक वेतन लागू किया जाए।
  • वर्दी, धुलाई और औजार भत्ते में बढ़ोतरी की जाए।
  • एक्सग्रेशिया पॉलिसी लागू कर मृतक कर्मचारी के परिजन को स्थायी नौकरी दी जाए।
  • दुर्घटना में मृत्यु पर 50 लाख और सामान्य मृत्यु पर 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
  • सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त 10 लाख रुपये और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए।
Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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