भगवान शिव के पावन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से समाज और राष्ट्र सेवा के लिए मिलती है नई ऊर्जा:  मोहन लाल बड़ौली

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने त्र्यंबकेश्वर, घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग एवं कैलास मंदिर के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर मिल रही है नई पहचान और प्रतिष्ठा: मोहन लाल बड़ौली

चंडीगढ़, 11 मई। भजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने महाराष्ट्र प्रवास के दौरान भगवान शिव के पवित्र ज्योतिर्लिंगों में शामिल त्र्यंबकेश्वर मंदिर एवं घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा और आध्यात्मिक संस्कृति सदैव समाज को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती रही है। ऐसे पवित्र तीर्थस्थलों के दर्शन से राष्ट्र सेवा और समाज कल्याण के लिए नई प्रेरणा एवं शक्ति प्राप्त होती है।

प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने कार्यकर्ताओं के साथ भगवान त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना में भाग लिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव संपूर्ण सृष्टि के कल्याणकारी देव हैं और उनकी आराधना से समाज में शांति, समरसता और सकारात्मकता का संचार होता है। इसके पश्चात उन्होंने भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में अंतिम ज्योतिर्लिंग माने जाने वाले घृष्णेश्वर मंदिर में भी दर्शन कर देश एवं प्रदेश की उन्नति के लिए प्रार्थना की।

महाराष्ट्र के संभाजीनगर स्थित विश्व प्रसिद्ध एलोरा गुफाओं में बने भव्य कैलास मंदिर का भ्रमण करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय स्थापत्य कला, संस्कृति और सनातन परंपरा की गौरवशाली विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि कैलास मंदिर विश्व की अद्भुत धरोहरों में से एक है, जिसे एक ही विशाल चट्टान को काटकर निर्मित किया गया है। यह मंदिर भारतीय शिल्पकला, तकनीकी दक्षता और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम उदाहरण है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को विश्वभर में गौरवान्वित करता है।

मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने का कार्य किया है। आज विश्वभर में भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है, जो देश के लिए गौरव का विषय है।

मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की मूल भावना है। हमारी प्राचीन विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और इसे संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि भाजपा सदैव भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रवादी विचारधारा को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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Author: Bharat Sarathi

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