संस्कारों के क्षरण और बढ़ते भ्रष्टाचार पर मंथन, समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर

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संस्कारित समाज निर्माण को लेकर बुद्धिजीवियों ने किया मंथन

नैतिक मूल्यों के क्षरण और भ्रष्टाचार पर जताई चिंता

“संस्कारवान व्यक्ति कभी रिश्वत नहीं लेता” : सुरेश जैन

नई पीढ़ी में नैतिक शिक्षा और सेवा भाव विकसित करने पर जोर

गुरुग्राम। भारत विकास परिषद द्वारा गुरुग्राम के DPG ITM Engineering College परिसर, सेक्टर-34 में एक चिंतनशील “थिंक टैंक” बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार और गिरते सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संस्कार आधारित समाज निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया।

बैठक में परिषद के माननीय राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन, क्षेत्रीय महासचिव राकेश शर्मा, बोधराज सीकरी, अतुल बाली, रिटायर्ड मेजर जनरल चौधरी रणजीत सिंह, मनोज त्यागी, पूर्व न्यायाधीश आर एस विर्क, पूर्व प्राचार्य विरेंद्र अंतिल, त्रिलोकी नाथ मल्होत्रा, विचार समूह संयोजक सुरेन्द्र गहलोत, हरियाणा दक्षिण प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष ऋषि अग्रवाल तथा प्रांतीय महासचिव राजीव छाबड़ा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज में नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के क्षरण के कारण भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन ने कहा कि समाज में संस्कारों को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि व्यक्ति संस्कारित होगा तो वह किसी भी पद पर रहते हुए रिश्वतखोरी से दूर रहेगा और आमजन के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेगा।

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि परिवार, विद्यालय और सामाजिक संगठनों को मिलकर नई पीढ़ी में नैतिकता, अनुशासन और सेवा भाव के संस्कार विकसित करने होंगे, तभी एक स्वस्थ और भ्रष्टाचारमुक्त समाज की स्थापना संभव हो सकेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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