केरल कांग्रेस से सबक लें हरियाणा के कांग्रेसी, एकजुट होकर भाजपा-संघ के फासीवाद के खिलाफ लड़ें : विद्रोही
गुरुग्राम/रेवाडी, 7 मई 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे केरल कांग्रेस से सबक लेकर प्रदेश में एकजुटता के साथ मोदी-भाजपा-संघ के कथित फासीवाद के खिलाफ संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा को “संघी फासीवाद” से बचाने के लिए कांग्रेस को आपसी मतभेद भुलाकर संगठित रूप से आगे आना होगा।
विद्रोही ने कहा कि वर्ष 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं की आपसी कटुता और निजी महत्वाकांक्षाओं के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, ठीक उसी प्रकार जैसे हरियाणा कांग्रेस अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में हार गई। उन्होंने कहा कि केरल कांग्रेस ने अपनी पिछली हार से सीख लेते हुए 2026 का विधानसभा चुनाव गठबंधन सहयोगियों के साथ पूरी एकजुटता से लड़ा और 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटें जीतकर वामपंथी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने बताया कि अकेले कांग्रेस के 63 विधायक निर्वाचित हुए हैं।
वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि केरल में कांग्रेस की यह सफलता नेताओं और कार्यकर्ताओं की एकजुटता तथा निजी महत्वाकांक्षाओं को किनारे रखकर सामूहिक रूप से काम करने का परिणाम है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश हरियाणा कांग्रेस ने अक्टूबर 2024 की हार से अपेक्षित सबक अभी तक पूरी तरह नहीं लिया है। हालांकि, नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस नेताओं द्वारा एकजुट होकर चुनाव लड़ना सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि 8 मई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुग्राम में पूर्व सांसद बृजेन्द्र सिंह की सद्भाव यात्रा में शामिल होंगे। विद्रोही ने इसे हरियाणा कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर बताया।
विद्रोही ने कहा कि सद्भाव यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर भविष्य में मिलकर चलने का संदेश प्रदेश की जनता को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हरियाणा में भाजपा-संघ के खिलाफ बड़ी राजनीतिक लड़ाई की शुरुआत साबित हो सकती है, यदि सभी कांग्रेसी एक मंच पर आकर संघर्ष का संकल्प लें।









