पीसीओएस जागरूकता और समग्र उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
महिला स्वास्थ्य एवं फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों से विद्यार्थियों को किया गया अवगत
विभिन्न विशेषज्ञताओं के समन्वय से बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने पर रहा फोकस

गुरुग्राम, 7 मई। एसजीटी यूनिवर्सिटी परिसर में स्कूल ऑफ फिजियोथेरेपी के अंतर्गत डिपार्टमेंट ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी फिजियोथेरेपी द्वारा “पीसीओएस कॉन्क्लेव” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के बीच समन्वय स्थापित कर बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करना था।
कॉन्क्लेव में महिला स्वास्थ्य, फिजियोथेरेपी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, पोषण तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिष्ठित अस्पतालों एवं संस्थानों से पहुंचे विशेषज्ञों और रिसोर्स पर्सन्स ने पीसीओएस के कारण, लक्षण, रोकथाम, जीवनशैली में बदलाव, व्यायाम तथा समग्र उपचार पद्धतियों पर अपने विचार साझा किए। साथ ही प्रतिभागियों को नवीनतम वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
यह आयोजन डॉ. पूजा आनंद, डीन, स्कूल ऑफ फिजियोथेरेपी के मार्गदर्शन में तथा डॉ. प्रियंका ऋषि, विभागाध्यक्ष, डिपार्टमेंट ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी फिजियोथेरेपी एवं ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपी विभाग, और डॉ. रेनुका जाखड़, प्राध्यापक, के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की सफलता में विभाग के फैकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसजीटी यूनिवर्सिटी का डिपार्टमेंट ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी फिजियोथेरेपी महिला स्वास्थ्य एवं पुनर्वास के क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा, आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
दिल्ली-एनसीआर की अग्रणी शिक्षण संस्थाओं में शामिल एसजीटी यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर लगातार सजग है। यहां विभिन्न शैक्षणिक विषयों में शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राएं भविष्य में देश के विकास और समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रहे हैं।








