घर-घर कचरा संग्रहण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू, लगाए जाएंगे 831 वाहन
गुरुग्राम, 27 अप्रैल। नगर निगम गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा कहा की शहर में कचरे की समस्या के स्थायी समाधान तथा बेहतर कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत घर-घर से कचरा संग्रहण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मेयर ने बताया कि यह योजना शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कचरे का नियमित उठान सुनिश्चित होगा, बल्कि अनियमित डंपिंग और गंदगी की समस्या से भी राहत मिलेगी।
दो क्लस्टर में बांटा गया कार्य, करोड़ों का प्रोजेक्ट
नगर निगम द्वारा इस परियोजना को दो क्लस्टर—क्लस्टर 1 और क्लस्टर 2—में विभाजित किया गया है। दोनों क्लस्टरों के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 609 करोड़ रुपये है। टेंडर प्रक्रिया के तहत 831 वाहन डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था में लगाए जाएंगे, जिनमें 653 एलसीवी तथा 178 ई रिक्शा शामिल हैं। इस परियोजना के तहत करीब 4.46 लाख से अधिक प्रॉपर्टीज को कवर किया जाएगा तथा प्रतिदिन 1200 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का प्रबंधन किया जाएगा।
नगर निगम द्वारा जारी टेंडर 22 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया गया है। प्री-बिड मीटिंग 29 अप्रैल को आयोजित होगी, जबकि बिड जमा करने की अंतिम तिथि 13 मई 2026 निर्धारित की गई है। उसी दिन दोपहर में बिड खोली जाएगी।
स्वच्छ गुरुग्राम की दिशा में बड़ा कदम
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि इस पहल से गुरुग्राम को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे कचरे को निर्धारित समय पर सौंपें और शहर को साफ रखने में नगर निगम का सहयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम की प्राथमिकता है कि कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए, ताकि लंबे समय तक शहर को स्वच्छ बनाए रखा जा सके।






