नारी शक्ति वंदन अधिनियम—सशक्तिकरण से नेतृत्व की ओर ऐतिहासिक कदम : सुधा यादव
नारी सशक्तिकरण से नेतृत्व तक—महिला भागीदारी का नया युग : बिमला चौधरी
नारी शक्ति वंदन अधिनियम—सशक्त और समावेशी भारत की मजबूत आधारशिला : राजरानी मल्होत्रा

गुरुग्राम, 15 अप्रैल। जिला प्रशासन की सहभागिता से बुधवार को “नारी शक्ति वंदन सम्मेलन” का सफल आयोजन किया गया। पटौदी की विधायक बिमला चौधरी के संयोजन तथा भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह सम्मेलन गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा के संसदीय बोर्ड की सदस्य एवं पूर्व सांसद सुधा यादव सहित गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मेयर राजरानी मल्होत्रा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान नारी शक्ति के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, उनकी उपलब्धियों और योगदान को रेखांकित करते हुए महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम—सशक्तिकरण से नेतृत्व की ओर ऐतिहासिक कदम : सुधा यादव

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को साकार करने वाला ऐतिहासिक कदम बताते हुए सुधा यादव ने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी दिलाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से इस बिल को लाने और पारित कराने के प्रयास होते रहे, लेकिन यह सफल नहीं हो पाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में इसे संसद में पारित कराकर महिलाओं के लिए नेतृत्व के नए द्वार खोले गए। यह अधिनियम महिलाओं के संघर्ष, उनके अधिकारों की मांग और समाज में समान भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उन्हें केवल सशक्त ही नहीं बल्कि नीति-निर्माण के केंद्र में स्थापित करता है।
सुधा यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है। शौचालय निर्माण से लेकर उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, जनधन योजना के माध्यम से बैंक खाते, और महिलाओं के नाम पर आवास उपलब्ध कराने जैसी पहलें उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन लेकर आई हैं। इसके साथ ही महिलाओं को उच्च स्तर के नेतृत्व में भी अवसर दिए गए हैं—चाहे वह विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय या वित्त मंत्रालय हो, महिलाओं ने अपनी क्षमता को साबित किया है। आज महिलाएं सेना और सुरक्षा बलों में भी नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं पर भरोसा करते हुए उन्हें सशक्तिकरण से आगे बढ़ाकर नेतृत्व की दिशा में ले जा रही है।
नारी सशक्तिकरण से नेतृत्व तक—महिला भागीदारी का नया युग : बिमला चौधरी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश में महिलाओं की भूमिका को नए आयाम देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कार्यक्रम की संयोजिका एवं पटौदी से विधायक बिमला चौधरी ने कहा कि लंबे समय से महिलाएं राजनीतिक और सामाजिक निर्णय प्रक्रिया में अपनी समान भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा रखती थीं, लेकिन यह सपना कई बार अधूरा रह गया। अनेक प्रयासों के बावजूद यह विधेयक पारित नहीं हो सका, किंतु वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संसद से पारित कर एक नई दिशा दी गई। यह अधिनियम केवल महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का माध्यम नहीं, बल्कि उन्हें नीति-निर्माण और नेतृत्व के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है, जिससे लोकतंत्र और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनेगा।
बिमला चौधरी ने कहा कि सरकार ने पिछले वर्षों में महिलाओं के सर्वांगीण सशक्तिकरण के लिए अनेक ठोस पहल की हैं, जिनका सीधा प्रभाव उनके जीवन स्तर पर पड़ा है। स्वच्छता, स्वास्थ्य, ऊर्जा और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ी योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कह कि यह अधिनियम अब महिलाओं को सशक्तिकरण के अगले चरण—नेतृत्व—की ओर अग्रसर कर रहा है, जिससे देश के विकास में उनकी भागीदारी और भी सुदृढ़ होगी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम—सशक्त और समावेशी भारत की मजबूत आधारशिला : राजरानी मल्होत्रा

सम्मेलन को संबोधित करते हुए गुरुग्राम की मेयर राज रानी मल्होत्रा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत के उज्ज्वल, समावेशी और सशक्त भविष्य की आधारशिला है। यह कानून केवल महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जो ठोस परिणाम सामने आए हैं, वे सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाया गया है, जिससे उनका आत्मविश्वास और समाज में उनकी भूमिका दोनों सशक्त हुई हैं।
सम्मलेन में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश सचिव गार्गी कक्कड़, भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी सहित अन्य वक्ताओं ने अधिनियम के समर्थन में अपने विचार रखे।
इस अवसर पर भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता डांगी, गुरुग्राम महानगर अध्यक्ष अजीत यादव, पूर्व मेयर मधु आजाद
गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार संजय अरोड़ा, महिला मोर्चा गुरुग्राम महानगर की जिला अध्यक्ष रीना यादव, कार्यक्रम की सह संयोजिका बरखा यादव, सुचिता शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।









