काकोरी के अमर शहीदों की प्रतिमाएं तोड़ना निंदनीय, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: AIDYO

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शहादत दिवस पर हुई घटना को बताया शर्मनाक, शहीदों के अपमान पर संगठन में रोष

गुरुग्राम, 24 मार्च 2026: ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO) ने उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में काकोरी कांड के अमर शहीदों—रामप्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक उल्ला खान और रोशन सिंह—की प्रतिमाओं को बुलडोजर से क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।

संगठन के हरियाणा राज्य संयोजक बलवान सिंह ने बयान जारी कर कहा कि 23 मार्च, जिसे भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के रूप में पूरे देश में सम्मान के साथ मनाया जाता है, उसी दिन रात के अंधेरे में इस प्रकार की घटना को अंजाम देना बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि महान क्रांतिकारियों के प्रति गहरी संवेदनहीनता और अपमानजनक रवैये का प्रतीक है। काकोरी कांड के वीर सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और उनके विचार आज भी युवाओं को अन्याय, शोषण और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देते हैं।

AIDYO ने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत पर हमला बताते हुए आरोप लगाया कि “स्मार्ट सिटी” और “सड़क चौड़ीकरण” जैसे प्रोजेक्ट्स के नाम पर इस तरह की कार्रवाई सरकार और प्रशासन की गलत प्राथमिकताओं को उजागर करती है।

मुख्य मांगें:

  • शहीदों की प्रतिमाओं को तत्काल सम्मानपूर्वक पुनः उसी स्थान पर स्थापित किया जाए।
  • घटना में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेकेदारों व अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

संगठन ने देश के युवाओं और आम जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएं और महान क्रांतिकारी शहीदों की विरासत की रक्षा के लिए एकजुट हों।

काकोरी कांड का महत्व
काकोरी कांड भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक महत्वपूर्ण घटना थी, जिसमें क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ सशक्त संदेश दिया। इस कांड के वीरों का बलिदान आज भी देशभक्ति और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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