डीसी अजय कुमार ने विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला को टीबी मुक्त बनाने में सराहनीय योगदान देने वाली पंचायतों को किया सम्मानित
बीते तीन वर्षों से टीबी मुक्त पंचायत तुर्कापुर को मिला गोल्ड सर्टिफिकेट, दो वर्षों से 24 पंचायतों को सिल्वर व एक वर्ष के लिए 71 पंचायतों को मिला ब्रांज सर्टिफिकेट
डीसी अजय कुमार ने क्षय उन्मूलन के प्रति जागरुकता चलाने वाले अभियान को भी दिखाई हरी झंडी

गुरुग्राम, 24 मार्च। डीसी अजय कुमार ने कहा कि स्वस्थ नागरिक किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार होते हैं। अपने नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल के उद्देश्य को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम चलाते है। उन्होंने यह बात मंगलवार को विश्व क्षय (टीबी) दिवस के अवसर पर लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में सराहनीय योगदान देने वाली जिला की विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही।
श्री अजय कुमार ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने क्षय जैसी बीमारी की गंभीरता को समझते हुए दुनिया भर में 2030 तक इसके उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से टीबी मुक्त भारत अभियान का आह्वान किया है। पंचायती राज संस्थाओं ने जिस प्रकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, नकल रहित परीक्षा के संचालन व अन्य सामाजिक महत्व के राष्ट्रीय अभियानों में अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उसी तरह टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए आपका सहयोग आवश्यक है।

डीसी ने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता में जनभागीदारी का होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जिला की सभी पंचायतों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मुक्त पंचायत, निक्षय मित्र आदि जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाए है। साथ ही जिला में सीएसआर का सहायता से क्षय रोगियों के उपचार में सहयोग बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। इससे पहले, डीसी ने लघु सचिवालय परिसर से क्षय उन्मूलन के प्रति जागरुकता के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाई और सराहनीय कार्य करने वाली पंचायतों के प्रतिनिधियों को ब्रांज, सिल्वल व गोल्ड सर्टिफिकेट से सम्मानित भी किया।
सिविल सर्जन डा. लोकवीर ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में बताया कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर उपचार करवाने से यह दूसरे लोगों तक संक्रमित नहीं होती। उन्होंने बताया कि जिला में तीन साल से लगातार पटौदी खंड की तुर्कापुर में एक भी टीबी संक्रमण का केस नहीं आया। जिसके चलते तुर्कापुर ग्राम पंचायत को गोल्ड सर्टिफिकेट का सम्मान मिला है। इसी तरह पिछले दो साल से 24 पंचायत और एक साल से 71 पंचायतों टीबी का एक भी केस नहीं मिला जिसके चलते इन्हें क्रमश: सिल्वर व ब्रांज सर्टिफिकेट मिला। इस अवसर पर क्षय रोग जागरूकता की शपथ भी ली गई।
डिप्टी सिविल सर्जन एवं क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. योगेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुग्राम जिला में वर्तमान समय में संवेदनशील व प्रतिरोधक श्रेणी के 6328 क्षय रोगी है। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से जिला में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर डिप्टी सिविल सर्जन डा. रंजना, डा. प्रदीप कुमार, डीपीएम पूनम, डीपीसी मनीषा सहित जिला की विभिन्न पंचायतों के सरपंच व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।








