उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने गोदरेज एयर सोसायटी में 24 मीटर सड़क के री-ओपनिंग का किया शुभारंभ

गुरुग्राम, 21 मार्च। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि सरकार बिल्डर सोसायटियों में 24 मीटर चौड़ी सड़कों की समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से शहरी अवसंरचना को मजबूत कर रही है। गुरुग्राम जिले में जिन-जिन सोसायटियों में 24 मीटर सड़क की कमी या अवरोध की समस्या सामने आ रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

राव ने कहा कि यह सरकार जनता द्वारा बनाई गई है और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कैबिनेट मंत्री शनिवार को सेक्टर-85 स्थित गोदरेज एयर सोसायटी में 24 मीटर सड़क के री-ओपनिंग कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में डीसी अजय कुमार तथा मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव भी उपस्थित रहे।
उपस्थितजन को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में सड़कों और कनेक्टिविटी का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। सरकार द्वारा निरंतर ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को रविवार, 22 मार्च को आयोजित होने वाली विकसित बादशाहपुर महारैली में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मुख्यमंत्री के विचार सुनें और प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
जनता की प्रतिक्रियाएं
गुरुग्राम जैसे देश के सबसे तेज़ी से विकसित होते शहर और हरियाणा के सबसे अधिक राजस्व देने वाले जिले में यदि आज भी 24 मीटर चौड़ी सड़कों की मूलभूत समस्या बनी हुई है, तो यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है, न कि केवल गौरव का।
एक ओर सरकार और मंत्रीगण सड़कों के री-ओपनिंग जैसे कार्यों का उद्घाटन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर ऐसी स्थिति पैदा ही क्यों हुई कि पहले से नियोजित सड़कों को दोबारा खोलने की नौबत आ गई। क्या शहरी योजना में कहीं न कहीं चूक नहीं हुई?
जनता के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह पहल स्वागत योग्य जरूर है, लेकिन इसे उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना कहीं न कहीं अधूरी व्यवस्थाओं पर पर्दा डालने जैसा भी प्रतीत होता है। गुरुग्राम जैसे आधुनिक शहर में सड़क और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले से ही सुचारू रूप में उपलब्ध होनी चाहिए थीं, न कि उन्हें बार-बार सुधारने की जरूरत पड़े।
अब देखना यह होगा कि यह कदम वास्तव में स्थायी समाधान की दिशा में बढ़ता है या फिर यह भी एक अस्थायी राहत बनकर रह जाएगा। जनता को केवल उद्घाटन नहीं, बल्कि स्थायी, सुव्यवस्थित और भविष्य के अनुरूप बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।








