रेवाडी/अहीरवाल, 19 मार्च 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने बुधवार शाम अहीरवाल क्षेत्र में हुई बारिश और तेज आंधी से सरसों व गेहूं की फसलों को हुए भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार से तत्काल विशेष गिरदावरी कराने और किसानों को समुचित मुआवजा देने की मांग की है।
विद्रोही ने बताया कि क्षेत्र में सरसों की फसल कई चरणों में थी—कुछ फसल कटकर मंडियों में बिकने के लिए पहुंच चुकी थी, कुछ खेतों में कटी पड़ी थी और कुछ अभी कटाई के लिए तैयार खड़ी थी। ऐसे में अचानक हुई बारिश और आंधी ने तीनों स्थितियों में फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि मंडियों में खुले में पड़ी हजारों क्विंटल सरसों बारिश से भीग गई, जिससे निजी व्यापारी अब किसानों को कम भाव देने की कोशिश करेंगे। पहले से ही सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम पर फसल बेचने को मजबूर हैं, और अब भीगी फसल से उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ेगी।
विद्रोही ने आगे कहा कि खेतों में कटी पड़ी सरसों बारिश के कारण खराब हो गई है, दाना मिट्टी में मिल जाने से उत्पादन में भी कमी आएगी। वहीं, खड़ी पकी फसल भी भीगने से प्रभावित हुई है। इसी प्रकार गेहूं की फसल, जो कटाई के अंतिम चरण में थी, उसे भी बारिश और तेज हवाओं से नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि अहीरवाल क्षेत्र में सरसों और गेहूं मुख्य फसलें हैं और इन दोनों को हुए नुकसान से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जो पहले ही घाटे की खेती और कर्ज के दबाव में जूझ रहे हैं।
विद्रोही ने मांग की कि सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी कराकर फसलों के नुकसान का आकलन करे और बीमा कंपनियों के माध्यम से प्रभावित किसानों को शीघ्र व उचित मुआवजा दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।








