उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या और कार्यभार के मद्देनज़र पुनर्गठन
गुरुग्राम, 5 मार्च 2026। प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) में उपभोक्ताओं को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से नए सर्कल और डिवीजनों और सब डिवीजनों के गठन की प्रक्रिया जारी है। निगम द्वारा कई नए ऑपरेशन सर्कल, डिवीजन और सब डिवीजन प्रस्तावित हैं, जिनमें से कुछ का गठन हो चुका है, जबकि अधिकांश अभी गठन की स्थिति में होने हैं।
डीएचबीवीएन ने फील्ड कार्यालयों के पुनर्गठन के अंतर्गत 3 नए ‘ऑपरेशन’ सर्कल, 24 डिवीजन व 78 सब-डिवीजन स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह की स्वीकृति के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार यह निर्णय संशोधित स्टाफिंग नॉर्म्स, बढ़ते उपभोक्ता भार तथा कार्यक्षेत्र के विस्तार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर नए डिवीजन एवं सब-डिवीजन प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा उपभोक्ता-अनुकूल बनाया जा सके।
श्री विक्रम सिंह ने कहा कि डीएचबीवीएन के सभी जिलों फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, हांसी, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, गुरुग्राम, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में विस्तार को ध्यान में रखते हुए यह पुनर्गठन किया गया।
3 नए ऑपरेशन सर्कल जिला मुख्यालय हांसी, नूंह, चरखी दादरी में प्रस्तावित हैं। 24 नए ऑपरेशन डिवीजन और 78 सब-डिवीजन विभिन्न जिलों में प्रस्तावित हैं।
नए ऑपरेशन डिवीजन
गुरुग्राम सर्कल एक में सिटी 2 और पटौदी,
गुरुग्राम सर्कल 2 में साउथ सिटी और बादशाहपुर,
हिसार में बरवाला और कैंट,
फतेहाबाद में भुना और रतिया,
सिरसा में ओढां और रानियां,
भिवानी में तोशाम और बाढड़ा,
जींद में सब अर्बन जींद और सब अर्बन नरवाना,
फरीदाबाद में एनआईटी 2, ओल्ड 2, ग्रेटर 2 और डिवीजन नंबर 2 बल्लभगढ़,
पलवल में सब अर्बन पलवल, हथीन और पुन्हाना,
रेवाड़ी में सब अर्बन रेवाड़ी,
नारनौल में डिवीजन नंबर 2 और अटेली डिवीजन बनाए जाने हैं।
नए ऑपरेशन डिवीजन में से 4 बाढड़ा (भिवानी सर्कल), पटौदी (गुरुग्राम सर्कल-1), बादशाहपुर (गुरुग्राम सर्कल-2) और सब-अर्बन, रेवाड़ी डिवीजनों का गठन किया जा चुका है।
प्रस्तावित नए 78 ऑपरेशन सब-डिवीजन में से 34 का भी गठन किया जा चुका है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि इस पुनर्गठन से शिकायत निवारण, बिलिंग, रखरखाव (मेंटेनेंस) तथा नए कनेक्शन से संबंधित सेवाओं में उल्लेखनीय तेजी आएगी। साथ ही लाइन लॉस में कमी लाने और वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी।
नए गठन से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक ढांचा मजबूत होगा, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त होंगी। चरणबद्ध तरीके से शेष सर्कल, डिवीजनों एवं सब-डिवीजनों के गठन की भी कार्यवाही की जाएगी।







