रेवाड़ी नगर परिषद भ्रष्टाचार का अड्डा बनी, विशेष जांच दल गठित करने की मांग

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सफाई, सीवर और सड़कों की बदहाली पर उठे सवाल, एसआईटी गठन की मांग तेज

रेवाड़ी, 17 फरवरी 2026। ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन आने के बाद रेवाड़ी नगर परिषद भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है और पिछले दस वर्षों से यहां भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता, पार्षद, नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी जमकर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिसके कारण शहर का विकास और नागरिक सुविधाएं ठप पड़ी हैं।

विद्रोही ने कहा कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और शहर गंदगी के ढेर पर खड़ा है। आवारा पशु सड़कों पर खुलेआम घूमते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सीवर व्यवस्था बदहाल है, अंदरूनी सड़कें टूटी पड़ी हैं और पार्कों की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगर परिषद नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं देने में असमर्थ है तो उसके अस्तित्व का औचित्य क्या है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 7-8 वर्षों से नगर परिषद में हो रहे भ्रष्टाचार और लूट के मामले सार्वजनिक होते रहे हैं। यहां तक कि अधिकारी और कर्मचारी स्वयं एक-दूसरे पर आरोप लगाकर भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में कोई भी बड़ा अधिकारी 6-7 माह से अधिक टिक नहीं पाता और पैसों की बंदरबांट को लेकर भाजपा नेताओं, पार्षदों, चेयरमैन और अधिकारियों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है।

विद्रोही ने कहा कि इस कथित भ्रष्टाचार से सरकार के आला अधिकारी, मंत्री, विधायक और सांसद भी भली-भांति परिचित हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधी जाती है। निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी सख्त कदम उठाने के बजाय प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि रेवाड़ी नगर परिषद में पिछले 7-8 वर्षों से हुए भ्रष्टाचार की व्यापक जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए। साथ ही चेयरमैन, पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्तियों की जांच कर यह पता लगाया जाए कि पद के दुरुपयोग से कितनी अवैध संपत्ति अर्जित की गई है, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिल सके।

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Author: Bharat Sarathi

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