सीसीटीएनएस एकीकरण से स्मार्ट पुलिसिंग को मजबूती
जीआईएस-आधारित पुलिस स्टेशन लोकेटर भी शुरू
चंडीगढ़, 17 फरवरी-हरियाणा सरकार ने तकनीक आधारित नागरिक सेवाओं और स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए हरसमय पोर्टल पर ‘लापता व्यक्तियों का पंजीकरण’ सुविधा शुरू की है। साथ ही, सत्यापन सेवा प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर से जोड़ा गया है। नागरिक पोर्टल पर जीआईएस-आधारित पुलिस स्टेशन लोकेटर भी शुरू किया गया है, जिससे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना अब और भी सरल हो गया है।
इन कार्यों की जानकारी आज यहां गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) की 32वीं बैठक में दी गई।
बैठक में बताया गया कि सीसीटीएनएस का ई-कोर्ट्स और ई-प्रोसिक्यूशन प्रणाली से एकीकरण कर लिया गया है। इससे जांच अधिकारियों को अदालतों और अभियोजन कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है। थानाध्यक्षों (एसएचओ) के लिए कैदियों की रिहाई संबंधी अलर्ट व्यवस्था भी लागू की गई है।
इसके अलावा, सीसीटीएनएस के अंतर्गत एफआईआर, चालान और अन्य दस्तावेजों के लिए आधार-आधारित जेनरिक ई-साइन सुविधा लागू की गई है। इससे फील्ड अधिकारियों के समय और स्टेशनरी की बचत हुई है।
राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस) और मोबाइल क्राइम यूनिट्स (एमसीयू) सभी जिलों में स्थापित की जा चुकी हैं। गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और शारीरिक माप व्यवस्थित रूप से दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे एक सुदृढ़ और केंद्रीकृत आपराधिक डाटाबेस तैयार हो रहा है। एमसीयू तैनाती और एनएएफआईएस अपलोड के मामले में हरियाणा अग्रणी राज्यों में शामिल है और तकनीक आधारित पुलिसिंग में अग्रणी राज्य के रूप में पहचान बना चुका है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा तैयार प्रगति डैशबोर्ड पर हरियाणा ने लगातार शत-प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। जून 2021 से लेकर पिछले 55 महीनों में हरियाणा 41 बार शीर्ष स्थान पर रहा है, जो डिजिटल पुलिसिंग के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साल 2022 और 2023 में सीसीटीएनएस-आईसीजेएस की उत्कृष्ट प्रथाओं पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन में भी हरियाणा पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका है।
राज्य ने नए आपराधिक कानूनों को निर्धारित समय-सीमा में लागू कर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के माध्यम से 247 वाहनों और 400 व्यक्तियों का पता लगाया गया है। राइट टू सर्विस (आरटीएस) डैशबोर्ड पर भी हरियाणा पुलिस को 10 में से 10 अंक मिले हैं। साथ ही, 78.33 लाख से अधिक नागरिक सेवा आवेदनों का निपटान निर्धारित समय में किया गया है।







