जागरण का असली अर्थ आत्म चेतना की जागृति – बीके आशा दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा शिव स्तुति संगीत संध्या का भव्य आयोजन
गुरुग्राम, सेक्टर 17A के ब्लिस प्रीमियर में हुआ कार्यक्रम

गुरुग्राम, 16 फरवरी 2026 – ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा गुरुग्राम, सुखराली एनक्लेव, सेक्टर 17A के ब्लिस प्रीमियर में शिव स्तुति संगीत संध्या का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में शिव महिमा के गीतों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। कलाकारों ने गीत एवं नृत्य के माध्यम से परमात्मा शिव से जुड़े आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर किया। शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने सभा को सम्बोधित किया।

उन्होंने कहा कि शिवरात्रि पर जागरण का वास्तविक अर्थ आत्म चेतना की जागृति से है। व्रत का भाव जीवन में बुराइयों और नेगेटिविटी से मुक्त होने का दृढ़ संकल्प करने से है। एक दिन के लिए शरीर का उपवास रखना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन मन के गलत विचारों से उपवास रखना असली उपवास है। उन्होंने कहा कि ईश्वर एक है। अगर सभी ईश्वर के सत्य स्वरूप को पहचान जाएं तो आपस में सहज ही एकता कायम हो जाएगी। परमात्मा शिव ही वास्तव में सत्य, अनादि और अविनाशी सत्ता है। कार्यक्रम में अन्य अनेक वक्ताओं ने भी परमात्मा शिव से जुड़े गूढ़ रहस्यों की जानकारी दी। भिवाड़ी, सिटी नर्सिंग होम के निदेशक डॉ. रूप सिंह ने कहा कि योग से तन और मन दोनों स्वस्थ होते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक तनाव से बीमारी के जींस एक्टिव होते हैं। खुशी सबसे बड़ी औषधि है। जितना हम खुश रहते हैं, शरीर बीमारी को स्वतः हील करने लगता है।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायक पंडित ब्रजेश मिश्रा एवं ओआरसी के गायक चांद बजाज ने अपने सुमधुर स्वरों से शिव स्तुति के गीत प्रस्तुत किए। प्रसिद्ध नृत्य कलाकार डॉ. दीपक अरोड़ा, डॉ. शुभ्रा एवं उनके शिष्यों द्वारा शिव महिमा के गीतों पर अपनी प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में नगर के सम्मानित नागरिकों सहित 400 से भी अधिक लोगों ने शिरकत की। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।







