बजट सत्र से पहले आनन-फानन में निर्णय लेकर जनता की आंखों में धूल झोंकने का आरोप
14 फरवरी 2026, चंडीगढ़/रेवाडी। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश की जनता को मूर्ख समझकर ठगों जैसा व्यवहार कर रही है। विद्रोही ने कहा कि वोट बैंक की ओछी और गंदी राजनीति के तहत पहले लोकलुभावनी घोषणाएं कर जनता को भ्रमित किया जाता है और सत्ता मिलने के बाद उन्हीं वादों से मुकरकर उन्हें आधे-अधूरे मन से लागू किया जाता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने प्रदेश की प्रत्येक सामाजिक सुरक्षा योजना को “ठग योजना” में बदल दिया है, जिसका ताजा उदाहरण बुजुर्गों की पेंशन से जुड़ा मामला है।
वोट लेने के बाद पेंशन पर ‘कुल्हाड़ी’
वेदप्रकाश विद्रोही के अनुसार, चुनाव में वोट हासिल करने के बाद भाजपा सरकार ने बुजुर्गों की पेंशन पर “कुल्हाड़ी” चला दी। मुख्यमंत्री द्वारा पेंशन में की गई बढ़ोतरी के वितरण में जानबूझकर देरी की गई, जिसके कारण पूरे प्रदेश में असंतोष और विरोध की स्थिति पैदा हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होने वाले विधानसभा बजट सत्र में संभावित फजीहत से बचने के लिए सरकार ने आनन-फानन में “करेक्टिव मेजर” लेकर अपनी गलती छिपाने का प्रयास किया और प्रदेशवासियों की आंखों में धूल झोंकने का काम किया।
बजट सत्र से पहले बदली पेंशन की तारीख
विद्रोही ने कहा कि हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन सामान्यतः हर माह 20 तारीख के बाद जारी होती है, लेकिन इस बार बजट सत्र में कांग्रेस इस मुद्दे को न उठा सके, इसलिए 12-13 फरवरी को ही पेंशन जारी कर दी गई।
उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताते हुए कहा कि सरकार केवल विपक्ष के सवालों से बचने के लिए निर्णय ले रही है, न कि बुजुर्गों के हित में।
चार माह बाद जारी हुआ बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन
विद्रोही ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लगभग चार माह पहले बुजुर्ग पेंशन सहित अन्य पेंशनों में 200 रुपये मासिक बढ़ोतरी की घोषणा की थी। हालांकि, इस घोषणा का नोटिफिकेशन लगभग चार महीने बाद 11 फरवरी को जारी किया गया।
सरकार ने बढ़ी हुई पेंशन की राशि को तीन किस्तों में 16 फरवरी तक बैंक खातों में भेजने का ऐलान किया है। विद्रोही के अनुसार, यह कदम भी बजट सत्र में सरकार की आलोचना से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है।
70 हजार बुजुर्गों की पेंशन काटने का मामला
विद्रोही ने कहा कि बढ़ी हुई आय का बहाना बनाकर जिन लगभग 70 हजार बुजुर्गों की पेंशन काटी गई थी, उनकी पेंशन भी फरवरी माह तक जारी करने की घोषणा की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय भी केवल इसलिए लिया गया है ताकि विधानसभा सत्र में कांग्रेस सरकार को बुजुर्ग पेंशन के मुद्दे पर घेर न सके।
लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देता ऐसा आचरण
वेदप्रकाश विद्रोही ने भाजपा सरकार के इस रवैये को ठगों जैसा बताते हुए कहा कि पहले जनता के हकों पर डाका डालो, फिर आवाज उठने पर अस्थायी राहत देकर विरोध शांत करो और बाद में फिर वही खेल दोहराओ — यही सरकार का एजेंडा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार का आचरण किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देता और प्रदेश की जनता अब इस राजनीति को भलीभांति समझ चुकी है।








