सड़कों पर बैठे गोवंश से बढ़ रहा खतरा, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
गौ टास्क फोर्स बनी, फिर भी शहर में आवारा गोवंश क्यों?
डेयरी संचालक गोवंश छोड़ रहे सड़कों पर, कार्रवाई कब?
कूड़ा-पॉलीथीन खा रहा गोवंश, जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग
गुरुग्राम: शहर की सड़कों और कॉलोनियों में बढ़ती आवारा गोवंश की समस्या को लेकर समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने मदनपुरी गली नंबर-7 स्थित दशहरा ग्राउंड के बाहर सड़कों पर बड़ी संख्या में बैठे गोवंश की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि इस वजह से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर सड़क पर कतार में बैठे पशुओं के कारण जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। सड़कों और गलियों में बैठे गोवंश यातायात को बाधित करते हैं और गोबर से गंदगी फैलने के कारण आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छता संकट भी खड़ा हो जाता है। यह स्थिति सुरक्षा और सफाई—दोनों दृष्टियों से गंभीर चिंता का विषय है।
गुरिंदरजीत सिंह ने सवाल उठाया कि नगर निगम द्वारा गौ टास्क फोर्स का गठन किए जाने और आवारा गोवंश को गौशालाओं तक पहुंचाने के निर्देश होने के बावजूद अर्जुन नगर, सेक्टर-5, मदनपुरी, देवीलाल कॉलोनी, सेक्टर-7 एक्सटेंशन, मदनपुरी रोड, खांडसा रोड, खांडसा मंडी, सेक्टर-9 रोड, शिव नगर और कादीपुर रोड जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर क्यों दिखाई दे रहा है। उन्होंने पूछा कि आखिर गौ टास्क फोर्स इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह गोवंश डेयरी संचालकों का है और उन्हें जानबूझकर आवारा छोड़ा जा रहा है, तो ऐसे संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अक्सर देखा जाता है कि आवारा गोवंश कूड़ा-करकट और पॉलीथीन खाकर बीमार हो जाते हैं, जो पशु क्रूरता के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी चिंताजनक है।
प्रशासन से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि अर्जुन नगर, सेक्टर-5, मदनपुरी, देवीलाल कॉलोनी, सेक्टर-7 एक्सटेंशन, मदनपुरी रोड, खांडसा रोड, खांडसा मंडी, सेक्टर-9 रोड, शिव नगर और कादीपुर रोड सहित आसपास के क्षेत्रों से आवारा गोवंश को तुरंत गौशालाओं में भेजा जाए। साथ ही गोवंश को सड़कों पर छोड़ने वाले डेयरी संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और गौ टास्क फोर्स को सक्रिय कर नियमित अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस कारण कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। प्रशासन को तत्काल प्रभाव से ठोस और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।








