स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने हेतु स्टेट सपोर्ट मिशन की इंडस्ट्री–अकादमिक बैठक आयोजित

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सरकार, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के समन्वय से नवाचार आधारित विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

एसजीटी विश्वविद्यालय गुरुग्राम में विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी

गुरुग्राम, 05 फरवरी –स्टेट सपोर्ट मिशन (एसएसएम) हरियाणा द्वारा स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट (एसजेएचआईएफएम) के तत्वावधान में तथा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के सहयोग से एसजीटी विश्वविद्यालय गुरुग्राम में “हरियाणा की स्वदेशी तकनीकों को सक्षम बनाना” विषय पर इंडस्ट्री–अकादमिक बैठक का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच समन्वय स्थापित कर राज्य में विकसित स्वदेशी तकनीकों के प्रचार-प्रसार, अपनाने और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना था, ताकि हरियाणा में नवाचार आधारित एवं सतत आर्थिक विकास को गति मिल सके।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में एसजीटी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हेमंत वर्मा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान शोध और नवाचार के माध्यम से तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के डीएसटी–टेक्नोलॉजी एनेबलिंग सेंटर के समन्वयक प्रो. मनु शर्मा ने कहा कि शोध को व्यावहारिक उपयोग और बाजार से जोड़ना समय की आवश्यकता है, जिससे स्थानीय तकनीकों को व्यापक पहचान मिल सके।

इस अवसर पर एसजेएचआईएफएम की संयुक्त निदेशक एवं स्टेट सपोर्ट मिशन की नोडल अधिकारी डॉ. नीरू, टीम लीड राहुल सिंगला तथा सेक्टर विशेषज्ञ डॉ. अमिता रानी ने मिशन की विभिन्न पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य में साक्ष्य-आधारित नीतिनिर्माण, संस्थागत क्षमता निर्माण और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
बैठक में एसजीटी विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, उद्योग क्षेत्र, स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान उद्योग और अकादमिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शोध आधारित समाधान, स्टार्टअप नवाचार और विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

चर्चा के दौरान तकनीक हस्तांतरण, व्यावसायीकरण के अवसर, बौद्धिक संपदा प्रबंधन और अकादमिक–उद्योग साझेदारी को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी समाधानों को विकसित करने और मिलकर कार्य करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का समापन ओपन हाउस चर्चा और नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में सहयोग बढ़ाने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई। यह बैठक हरियाणा में स्वदेशी तकनीक पारितंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

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Author: Bharat Sarathi

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