निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई गुरुग्राम ज़िला नगर निकायों की समीक्षा बैठक

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स्वच्छता, ड्रेनेज और शहरी विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा के दौरान अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश

गुरुग्राम, 2 फरवरी। निगमायुक्त एवं डीएमसी प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में निगम कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में ज़िले के सभी नगर निकायों गुरुग्राम में चल रहे स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, ड्रेनेज और शहरी विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था की स्थिति

बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम में डोर-टू-डोर कलेक्शन और एमएसडब्ल्यू परिवहन का कार्य विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से संचालित है। वर्तमान में यह व्यवस्था गैप अरेंजमेंट के रूप में चल रही है, जबकि पाँच वर्षीय दीर्घकालिक टेंडर प्रक्रिया स्वीकृत होकर निविदा चरण में है। सोहना में पाँच वर्ष की अवधि के लिए एजेंसी चयन प्रक्रिया पूरी कर एलओआई जारी किया जा चुका है। पटौदी में स्टॉप-गैप व्यवस्था लागू है, जबकि फर्रुखनगर में पूर्व स्वीकृत एजेंसी के माध्यम से कार्य सुचारू रूप से जारी है।

सड़कों की मशीनी सफाई और झाड़ू कार्य

गुरुग्राम में सड़कों की सफाई के लिए एजेंसियाँ कार्यरत हैं और इनके अनुबंध वर्ष 2026 तक प्रभावी हैं। सोहना में भी नियमित सफाई कार्य प्रगति पर है। पटौदी में अंतरिम व्यवस्था के तहत सफाई कार्य चल रहा है, जबकि फर्रुखनगर में नियमित अनुबंध के तहत सफाई कार्य जारी है।

कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों की प्रगति

गुरुग्राम में ताज़ा कचरे के प्रसंस्करण हेतु टेंडर प्रक्रिया जारी है। सोहना में 10 वर्ष की अवधि के लिए प्रोसेसिंग एजेंसी चयन का प्रस्ताव उच्च स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। पटौदी में स्टॉप-गैप आधार पर कार्य जारी है, जबकि फर्रुखनगर में स्वीकृत एजेंसी द्वारा कचरा प्रसंस्करण किया जा रहा है।

लीगेसी वेस्ट निस्तारण

गुरुग्राम में पुराने कचरा स्थलों के निस्तारण के लिए दो एजेंसियों को एलओआई जारी किए गए हैं और फरवरी 2028 तक 100% निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सोहना में यह कार्य 30 जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। पटौदी में लीगेसी वेस्ट निस्तारण का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।

आवारा पशु एवं कुत्तों के प्रबंधन पर विशेष फोकस

गुरुग्राम में बड़ी संख्या में आवारा पशुओं को गौशालाओं में शिफ्ट किया गया है। शहर को “स्ट्रे कैटल फ्री” घोषित करने के लिए वर्ष 2026 का लक्ष्य रखा गया है। आवारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु एबीसी कार्यक्रम के अंतर्गत नसबंदी, टीकाकरण और टैगिंग का कार्य जारी है। सोहना और पटौदी में भी एजेंसी नियुक्ति प्रक्रिया प्रगति पर है।

मानसून से पहले नालों की सफाई

गुरुग्राम में 473 किलोमीटर नालों में से लगभग 350 किलोमीटर की सफाई पूरी की जा चुकी है। सोहना में सभी नालों की सफाई पूर्ण हो चुकी है। पटौदी और फर्रुखनगर में सफाई कार्य अनुमान और स्वीकृति चरण में है।

शहरी सड़कों की जीआईएस मैपिंग

“म्हारी सड़क” पोर्टल के अंतर्गत गुरुग्राम की सभी 17,627 सड़कों का सर्वेक्षण पूरा कर डेटा हरसेक को मैपिंग के लिए भेजा गया है। सोहना और पटौदी में भी 100% जीआईएस मैपिंग पूर्ण हो चुकी है।

विकास कार्यों में वित्तीय प्रगति

पिछले तीन वित्तीय वर्षों में मुख्यालय से प्राप्त अनुदानों के तहत गुरुग्राम और सोहना में अधिकांश विकास कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में गुरुग्राम में कई बड़े विकास कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें केंद्रीय एवं राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत परियोजनाएँ शामिल हैं।

पीएम स्वनिधि योजना में उपलब्धि

योजना के अंतर्गत गुरुग्राम में 55,537 लक्ष्यों के मुकाबले लगभग 23% प्रगति दर्ज की गई है। सोहना, पटौदी और फर्रुखनगर में भी ऋण वितरण और डिजिटल ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया जारी है। फर्रुखनगर ने लक्ष्य से अधिक उपलब्धि दर्ज की है।

मुख्यमंत्री व बजट घोषणाओं की स्थिति

विभिन्न वर्षों की मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत कई परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि कुछ कार्य प्रगति पर हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं में शहरी ड्रेनेज, स्मार्ट रोड, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मल्टी-लेवल पार्किंग और दिव्यांगजन हेतु अल्ट्रा मॉडर्न पार्क जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनकी डीपीआर तैयारी और स्वीकृति प्रक्रिया जारी है।

जन संवाद एवं आजीविका योजनाएँ

जन संवाद पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। “दीनदयाल जन आजीविका योजना–शहरी” के अंतर्गत शेल्टर, श्रमिक चौक और स्वयं सहायता समूहों को सहयोग प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नगर निकाय निर्धारित समयसीमा के भीतर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि शहरी सेवाओं में सुधार के लिए निगरानी, तकनीकी समाधान और जनभागीदारी, तीनों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी व रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त नरेश कुमार, विशाल कुमार व रविन्द्र मलिक, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, चीफ अकाउंट्स ऑफिसर विजय सिंगला, चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ आशीष सिंगला सहित नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद सोहना व पटौदी जटौली मंडी तथा नगर पालिका फरुखनगर के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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Author: Bharat Sarathi

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