*मौजूदा बजट पूरी तरह आधारहीन और जनता की अपेक्षाओं से परे है – राव नरेंद्र सिंह*
चंडीगढ़, 01 फरवरी – हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट ज़मीनी हकीकत से कटा हुआ और जनहित से दूर है।
उन्होंने कहा कि इस बजट में आम आदमी, किसान और ग्रामीण भारत की अनदेखी की गई है। बजट में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की कर्जमाफी, पानी-बिजली संकट (खासकर हरियाणा में) के लिए कोई ठोस राहत पैकेज नहीं। मनरेगा जैसी योजनाओं में पहले से कटौती और भुगतान देरी जारी, जो ग्रामीण रोजगार को कमजोर कर रही हैं। राव नरेंद्रसिंह ने कहा कि यह बजट सिर्फ बड़े उद्योगपतियों और अमीर वर्ग के लिए फायदेमंद है ।
कैपेक्स बढ़ोतरी से इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा, लेकिन यह सिर्फ 5-10% आबादी तक सीमित लगता है। गरीब, SC/ST, मध्यम वर्ग और युवाओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ न्यूनतम है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और रिफॉर्म्स की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ये नहीं पहुंच रहे। यह “विकृति ज्यादा है, सुधार नहीं । सुधार के नाम पर आमजन की समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य में किसान आंदोलन, बेरोजगारी और ग्रामीण संकट हैं, लेकिन बजट में कोई स्पेशल पैकेज नहीं यह सरासर गरीब-विरोधी बजट है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह बजट फिस्कल डिसिप्लिन और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ (Viksit Bharat 2047) पर केंद्रित है, जहां कैपेक्स को इंजन बनाकर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने की कोशिश है। सरकार का दावा है कि यह स्थिरता, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पर फोकस करेगा, जिससे रोजगार और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। लेकिन यह सिर्फ कागजी विकास है, क्योंकि महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन जैसे तत्काल मुद्दों पर निर्णायक एवं ठोस कदम नहीं है।
उन्होंने कहा यह बजट हरियाणा और ग्रामीण भारत की भावनाओं को प्रतिबिंबित ही नहीं करता, जहां बजट के बड़े आंकड़े जमीनी परेशानियों से मेल नहीं खाते। कुल मिलाकर, बजट रिफॉर्म-ओरिएंटेड है, लेकिन जन-केंद्रित नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह बजट सिर्फ और सिर्फ पूंजी पतियों को मजबूत करेगा।
यह बजट सिर्फ एक छलावा है,ना ही जमीनी हकीकत से जुड़ा है ना जनहित से यह आधारहीन और जनता की अपेक्षा से परे है







